ग्वालियर। गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (Gajra Raja Medical College) (GRMC) में वायरल ऑडियो के बाद एक बार फिर व्यापमं कांड सुर्खियों में आ गया है। ऑडियो सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्र शाखा के प्रभारी प्रशांत चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है।वायरल ऑडियो में कथित रूप से बर्खास्त एमबीबीएस छात्रों को पैसों के बदले डिग्री दिलाने की बातचीत सामने आई है। इसमें एक पूर्व छात्र द्वारा 16-16 लाख रुपये में डील होने का आरोप लगाया गया है, जबकि प्रभारी की ओर से इससे अधिक खर्च की बात कही जा रही है। इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।सहायक पर कार्रवाई नहीं, उठे सवालजहां एक ओर प्रभारी प्रशांत चतुर्वेदी पर कार्रवाई हुई है, वहीं उनके सहायक पंकज कुशवाह पर अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसे लेकर शिकायतकर्ता और अन्य लोगों ने सवाल उठाए हैं कि एक ही मामले में अलग-अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है।पुराना व्यापमं मामला फिर चर्चा मेंशिकायतकर्ता संदीप लहारिया के अनुसार वर्ष 2006 से 2010 के बीच व्यापमं घोटाले में 150 से अधिक छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि 30-35 एमबीबीएस छात्र संदिग्ध पाए गए थे। इन मामलों की सुनवाई अब भी सीबीआई कोर्ट में जारी है।वर्ष 2017 में हाई पावर कमेटी की जांच के बाद करीब 30 से अधिक छात्रों को बर्खास्त किया गया था, जिनमें संदीप लहारिया भी शामिल थे। इसके बावजूद कुछ छात्रों को डिग्री दिए जाने के आरोपों ने चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।विश्वविद्यालय पर भी आरोपमामले में जीवाजी यूनिवर्सिटी (Jiwaji University) के कुछ अधिकारियों पर भी फर्जी डिग्री जारी करने के आरोप लगे हैं। शिकायत में गोपनीय शाखा और परीक्षा विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं, साथ ही आरटीआई के तहत जानकारी न देने और रिकॉर्ड छिपाने के भी आरोप हैं।प्रशासनिक कार्रवाई और जांच जारीमेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने प्रशांत चतुर्वेदी को हटाकर जयारोग्य हॉस्पिटल (Jayarogya Hospital) (JAH) में अटैच कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंटेलिजेंस एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं और दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।डीन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला एक बार फिर सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही को उजागर कर रहा है, जिससे चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading... Related पोस्ट नेविगेशन टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टिगरिया में विशेष स्वास्थ्य शिविर, जांच व जागरूकता पर जोर इंदौर कांग्रेस में नई जिम्मेदारी: अनवर शेख बने वार्ड 1 के प्रभारी