बालाघाट:न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग के एक अहम मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बालाघाट निवासी जितेंद्र उर्फ राजा लिल्होरे पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने संबंधित रिट याचिका को खारिज करते हुए निर्धारित समय सीमा में जुर्माना जमा करने के निर्देश भी दिए हैं।मामला रिट याचिका क्रमांक 2714/2026 से जुड़ा है, जिसमें नदी किनारे रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान राज्य पक्ष ने न्यायालय को अवगत कराया कि याचिकाकर्ता पूर्व में भी इसी विषय को लेकर विभिन्न मंचों और न्यायालयों में याचिकाएं दायर कर चुका है, लेकिन वर्तमान याचिका में इस तथ्य को छुपाया गया।अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए माना कि याचिकाकर्ता ने जानबूझकर आवश्यक जानकारी छुपाई है। न्यायालय ने याचिका वापस लेने की अनुमति देने से इनकार करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया। बाद में याचिकाकर्ता की ओर से संशोधन आवेदन प्रस्तुत कर पूर्व याचिकाओं का उल्लेख करने और भूलवश जानकारी छूटने की दलील दी गई, साथ ही क्षमा याचना भी की गई।हालांकि, न्यायालय ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और इसे न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग का मामला बताते हुए कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि एक ही विषय पर बार-बार याचिका दायर करना और तथ्यों को छुपाना न्यायालय के समय और संसाधनों की बर्बादी है तथा इससे न्यायिक व्यवस्था की गरिमा प्रभावित होती है।इसी आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका को निरस्त करते हुए 1 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर अवमानना की कार्रवाई भी की जा सकती है।यह फैसला न्यायिक पारदर्शिता और प्रक्रिया की गंभीरता बनाए रखने के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन महंगाई दर 3.21% पर चढ़ी, दूध ₹2-3 प्रति लीटर महंगा! बैंकिंग सेक्टर में आज से नये नियम, रोजगार बढ़ा पर आमदनी महंगाई से जूझ रही नो किंग्स-नो वार : हमले और प्रतिरोध की द्वंद्वात्मकता