भोपाल। प्रदीप चौधरी।। मध्य प्रदेश शासन के परिवहन विभाग ने प्रदेश भर में 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। विभाग ने सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि 15 साल की आयु पूरी कर चुकी कोई भी बस श्रेणी का वाहन सड़क पर नहीं दौड़ेगा।विभाग द्वारा 14 नवंबर 2025 को जारी पत्र में कहा गया है कि उच्च न्यायालय के निर्देश और मोटर यान अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह कदम उठाया गया है। पुरानी बसें प्रदूषण के साथ-साथ सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रही थीं। इनमें अचानक ब्रेक फेल, आग लगने और अन्य तकनीकी खराबी की घटनाएं बढ़ रही थीं, जिससे यात्रियों की जान को खतरा बना रहता था।परिवहन आयुक्त ने पत्र में लिखा है कि अगर कोई भी बस ऑपरेटर 15 साल से पुरानी बस चलाता पाया गया तो उसका परमिट तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा और वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित परिवहन अधिकारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी। View this post on Instagram ये जिले सबसे ज्यादा प्रभावितइंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, रीवा और सिंगरौली जैसे बड़े शहरों में बड़ी संख्या में पुरानी बसें अभी भी परिवहन सेवाओं में लगी हुई हैं। इन शहरों के बस ऑपरेटरों को सबसे ज्यादा झटका लगेगा। कई छोटे-मोटे रूटों पर तो 20-25 साल पुरानी बसें ही चल रही थीं, जिन्हें अब तत्काल प्रभाव से हटाना होगा।परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए यह निर्णय जरूरी था। अब बस ऑपरेटरों को नई या कम उम्र की बसें ही खरीदनी होंगी, जिससे प्रदेश में बस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।फिलहाल विभाग ने सभी आरटीओ को एक सप्ताह के अंदर अपने क्षेत्र की सभी 15 साल से पुरानी बसों की सूची बनाने और उनके परमिट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौरः प्रेमिका की धमकियों से तंग आकर युवक ने लगा ली फांसी हंस ट्रेवल्स के बस चालक और क्लीनर की बड़वानी कोर्ट में जमानत खारिज हुई