इंदौर। प्रदीप चौधरी। इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के डिपो के लिए प्रस्तावित जमीन को लेकर प्रशासनिक दस्तावेजों में रकबे का अंतर सामने आया है। ग्राम नैनोद स्थित खसरा क्रमांक 307/5 की जमीन से संबंधित दो शासकीय आदेशों में दर्ज रकबे की तुलना करने पर 0.518 हेक्टेयर का अंतर दिखाई देता है। यह करीब 55,700 वर्ग फीट के बराबर है।प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, अपर कलेक्टर कार्यालय से जारी एक आदेश में ग्राम नैनोद स्थित खसरा क्रमांक 307/5 की 2.618 हेक्टेयर भूमि को मेट्रो रेल डिपो के लिए चिन्हित करते हुए अनापत्ति दी गई थी। वहीं, कलेक्टर (नजूल) द्वारा जारी अंतिम हस्तांतरण आदेश में इसी खसरा नंबर का रकबा 2.100 हेक्टेयर दर्ज किया गया है।इस प्रकार दोनों आदेशों में दर्ज रकबे के बीच 0.518 हेक्टेयर यानी लगभग 55 हजार वर्ग फीट से अधिक का अंतर सामने आता है। इससे यह सवाल उठता है कि प्रारंभिक प्रक्रिया में दर्ज रकबे और अंतिम हस्तांतरण के दौरान दर्ज रकबे में अंतर किस आधार पर हुआ।मामले में राजस्व रिकॉर्ड, सीमांकन और संबंधित शासकीय आदेशों की प्रक्रिया की जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल दस्तावेजों में दर्ज अलग-अलग रकबे ने मेट्रो डिपो के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सड़क पर घायल व्यक्ति को देख यातायात जवानों ने दी तत्काल मदद साइबर फ्रॉड के लिए बैंक खातों का नेटवर्क, मुख्य आरोपी बालेश्वर राठौर गिरफ्तार