इंदौर। आमिर खान। आमजन की शिकायतों के त्वरित निराकरण और समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए मंगलवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सभागार में जनसुनवाई आयोजित की गई। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह ने जनसुनवाई में पहुंचे प्रत्येक आवेदक की समस्या गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।25 अगस्त 2026 को आयोजित जनसुनवाई में कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पारिवारिक और आपसी विवादों के साथ पैसों के लेन-देन, प्लॉट-मकान एवं जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले प्रमुख रहे। बेटा-बहू या पति-पत्नी द्वारा परेशान किए जाने, रिश्तेदारों एवं पड़ोसियों के विवाद, माल देने के बाद भुगतान नहीं करने, कोल्ड स्टोर से माल अथवा राशि नहीं मिलने और नियोक्ता द्वारा वेतन नहीं दिए जाने जैसी शिकायतें भी सामने आईं।इसके अलावा वित्तीय धोखाधड़ी, पुलिस स्तर पर सुनवाई नहीं होने, महिला अपराध तथा अन्य पुलिस संबंधी मामलों को लेकर भी लोगों ने अपनी शिकायतें प्रस्तुत कीं।अधिकारियों को मौके पर कार्रवाई के निर्देशपुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने आवेदकों की समस्याओं को विस्तार से सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को समक्ष में और फोन के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जनसुनवाई में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर मयंक अवस्थी सहित सभी जोन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आवेदकों की शिकायतों को विस्तार से सुना और कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई शुरू की।काउंसलिंग और मध्यस्थता से विवाद सुलझाने का प्रयासपुलिस द्वारा पारिवारिक और आपसी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से काउंसलिंग भी कराई जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि ऐसे मामलों में पक्षकारों के बीच संवाद और मध्यस्थता के जरिए विवादों का शीघ्र एवं शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।पुलिस कमिश्नर ने आमजन को भरोसा दिलाया कि इंदौर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, न्याय और अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन जीतू जाटव की भाजपा में वापसी पर पार्षद कमलेश कालरा ने जताई आपत्ति, प्रदेश अध्यक्ष से सदस्यता रद्द करने की मांग जनता को भाषण नहीं, सस्ती रसोई और सम्मानजनक जीवन चाहिए