कटनी/भोपाल। करौंदी, जिला कटनी स्थित महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में सूचना के अधिकार (RTI) को लेकर विवाद सामने आया है। सागर जिले के राहतगढ़ निवासी एवं विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शरद भारद्वाज ने विश्वविद्यालय प्रशासन के कथित विरोधाभासी रवैये को लेकर राजभवन, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग और मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग को शिकायत भेजी है।शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने अपनी डिग्री और कोर्स की वैधता से संबंधित जानकारी RTI के माध्यम से मांगी थी। उच्च शिक्षा विभाग ने 6 मार्च 2025 को सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(3) के तहत आवेदन विश्वविद्यालय को अंतरित किया। आरोप है कि विश्वविद्यालय ने 25 मार्च 2025 को पत्र जारी कर जानकारी देने से इनकार कर दिया और निजी विश्वविद्यालयों को RTI अधिनियम के दायरे से बाहर बताया।विश्वविद्यालय के रुख पर सवालशिकायत में दावा किया गया है कि एक ओर उच्च शिक्षा विभाग और मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की ओर से निजी विश्वविद्यालयों में लोक सूचना अधिकारी की व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर संबंधित विश्वविद्यालय RTI के तहत जानकारी देने से इनकार कर रहा है।आवेदक का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने रुख के समर्थन में एक पुराने न्यायिक अंतरिम आदेश का हवाला दे रहा है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि जिस आदेश का उल्लेख किया जा रहा है, उसकी केस संख्या, प्रमाणित प्रति और वर्तमान कानूनी स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही यह भी जांच हो कि आदेश सभी निजी विश्वविद्यालयों पर लागू होता है या किसी विशेष प्रकरण तक सीमित है।उच्च स्तरीय जांच की मांगशिकायतकर्ता ने विश्वविद्यालय के कथित दोहरे रवैये की उच्च स्तरीय जांच कराने, संबंधित न्यायिक आदेश की वैधानिक स्थिति की पड़ताल करने और यदि नियमों की गलत व्याख्या कर RTI आवेदन निरस्त किए गए हैं तो नियमानुसार जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश जारी करने की मांग की है।मामले में अब संबंधित विभागों और सक्षम प्राधिकारियों की कार्रवाई पर नजर रहेगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और विश्वविद्यालय का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कंगना रनोट का बाबा रामदेव पर पलटवार, बोलीं- मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में सपने मत देखिए बड़वानी कोतवाली का बंदी गृह बना सुधार केंद्र, दीवारों पर लिखे संदेश दे रहे नई जिंदगी की सीख