इंदौर। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान मंच पर पुलिस और आयोजकों के बीच हुए विवाद के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कार्यक्रम से पहले भीड़ को नियंत्रित करने को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच बहस हुई थी। इसी दौरान डीसीपी नरेंद्र रावत मंच पर पहुंचे, जहां कार्यक्रम का संचालन कर रहे व्यक्ति से उनकी तीखी बहस होने की जानकारी सामने आई है। अमर उजाला की लाइव रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े भी मंच पर पहुंचे थे। इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पुलिस अधिकारी के रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया दी। वर्मा ने आरोप लगाया कि अधिकारी मंच पर पहुंचकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों की संख्या को लेकर सवाल करने लगे। उन्होंने अधिकारी पर तंज कसते हुए कहा कि “अदना सा अधिकारी खुद को सिंघम समझ रहा है” और उसे यह समझना चाहिए कि सरकारें बदलती रहती हैं। वर्मा ने अपने बयान में कहा— “तेरे बाप का कार्यक्रम नहीं है, राहुल गांधी का कार्यक्रम है।” उन्होंने आगे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के आने की बात कहते हुए कहा कि “इससे दस गुना भीड़ आएगी।” उनके इस बयान के बाद पुलिस व्यवस्था और कांग्रेस के बीच विवाद को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। गौरतलब है कि राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर 2026 को इंदौर में आयोजित हुआ, जिसमें उन्होंने छात्रों से शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया। कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर आयोजकों के सामने 31 शर्तें भी रखी थीं। नोट: सज्जन सिंह वर्मा की उपरोक्त बातें उनके सार्वजनिक बयान के रूप में रिपोर्ट की गई हैं; मंच पर विवाद की वजह और घटनाक्रम के अलग-अलग पक्षों को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस-आयोजक पक्ष का विस्तृत आधिकारिक बयान स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन भोपाल में दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या, दोस्त पर वारदात को अंजाम देने का आरोप ‘बाल संवाद—उम्मीद का उजाला’ में छात्राओं से रूबरू हुए एसपी, लक्ष्य और जिज्ञासाओं पर हुई चर्चा