भोपाल: मध्य प्रदेश शासन के वाणिज्यिक कर विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार अधिकारियों को पदोन्नति की सौगात दी गई है। राज्य शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, उपायुक्त (Commercial Tax Deputy Commissioner) स्तर के चार अधिकारियों को पदोन्नत कर अपर आयुक्त (Additional Commissioner) बनाया गया है। यह पदोन्नति वर्ष 2025 की रिक्तियों के संदर्भ में 29 जुलाई 2026 को संपन्न हुई विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक में की गई अनुशंसाओं के आधार पर दी गई है। 2 साल की परिवीक्षा अवधि पर मिली जिम्मेदारी मंत्रालय (वल्लभ भवन), भोपाल से वाणिज्यिक कर विभाग के अपर सचिव राजेश ओगरे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी पदोन्नत अधिकारियों को 7वें वेतनमान के वेतन मैट्रिक्स लेवल-15 (₹1,23,100 – ₹2,15,900) में अस्थायी रूप से पदोन्नत किया गया है। इन अधिकारियों की नियुक्ति मध्य प्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के तहत 2 वर्ष की परीक्षण (परिवीक्षा) अवधि के लिए रहेगी। साथ ही, सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने पुराने पदों से भारमुक्त कर दिया गया है ताकि वे नए पद का कार्यभार ग्रहण कर सकें। पदोन्नत अधिकारियों और नई पदस्थापना की सूची क्र.अधिकारी का नामवर्तमान पदस्थापनापदोन्नति उपरांत नई पदस्थापना 1.श्री सपन कुमार सोनटकेउपायुक्त (कार्यवाहक प्रभारी अपर आयुक्त), परिक्षेत्र जबलपुरअपर आयुक्त, वाणिज्यिक कर, परिक्षेत्र जबलपुर2.श्री आर.के. शर्माउपायुक्त (कार्यवाहक प्रभारी अपर आयुक्त), मुख्यालय इंदौरअपर आयुक्त, वाणिज्यिक कर, मुख्यालय इंदौर3.श्री मनोज कुमार चौबेउपायुक्त (कार्यवाहक प्रभारी अपर आयुक्त), मुख्यालय इंदौरअपर आयुक्त, वाणिज्यिक कर, मुख्यालय इंदौर4.श्री प्रदीप कुमार दुबेउपायुक्त (कार्यवाहक प्रभारी अपर आयुक्त), परिक्षेत्र भोपालअपर आयुक्त, वाणिज्यिक कर, परिक्षेत्र भोपाल अदालती आदेशों के अधीन होंगी पदोन्नतियां विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह पदोन्नति प्रक्रिया मध्य प्रदेश लोक सेवा (आरक्षण) अधिनियम, 1994 तथा मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के सभी प्रावधानों का पालन करते हुए की गई है। विशेष नोट: यह सभी पदोन्नतियां माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के समक्ष लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) क्रमांक 13954/2016 एवं SLP (C) No. 6295/2023 के अंतिम निर्णयों तथा भविष्य में उच्च न्यायालय द्वारा पारित होने वाले आदेशों के अध्यधीन रहेंगी। वेतन निर्धारण के संबंध में जिन शासकीय सेवकों को पूर्व में समयमान वेतनमान योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें आदेश प्राप्ति की तिथि से एक माह के भीतर विकल्प प्रस्तुत करना होगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन क्राइम ब्रांच व हीरानगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एमडी ड्रग और ब्राउन शुगर तस्करी के दो आरोपी गिरफ्तार मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का शुभारंभ, अधिकारी बस से पहुंचे अंबा चंदन गांव