भोपाल। मध्यप्रदेश में बाघों की लगातार हो रही मौतें वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में प्रदेश में 55 बाघों की मौत दर्ज की गई, जो 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत के बाद किसी एक वर्ष में राज्य में दर्ज सबसे अधिक मौतों का रिकॉर्ड है।वहीं, वर्ष 2026 में भी बाघों की मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। जनवरी से जुलाई के अंत तक प्रदेश में करीब 40 बाघों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ रहे इन मामलों ने वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि प्रत्येक मामले की वैज्ञानिक जांच, बाघों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा, शिकार पर प्रभावी रोक और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है। मध्यप्रदेश को देश का “टाइगर स्टेट” माना जाता है, ऐसे में बाघों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मध्यप्रदेश में निवेश को मिलेगी नई रफ्तार, टेलीकॉम एमओयू और दतिया में ₹11,500 करोड़ की डिफेंस इंडस्ट्री की सौगात श्री हरिनाम संकीर्तन मंडल समिति ने गुरु पूर्णिमा पर्व पर किया सत्संग व भक्ति संगीत का भव्य आयोजन