भोपाल।मध्यप्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को ‘मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026’ ध्वनिमत से पारित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रदेश के इतिहास का ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि अब “राम से लेकर रहीम तक” सभी नागरिकों के लिए समान न्याय और समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करेगा और किसी भी धर्म की धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि विधेयक के मसौदे पर प्राप्त सुझावों में 76 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम महिलाओं ने इसका समर्थन किया। उनके अनुसार, यह कानून महिलाओं को सामाजिक और कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।विधानसभा से पारित विधेयक के अनुसार प्रदेश में बहुविवाह पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। तीन तलाक और निकाह हलाला को गैर-कानूनी और दंडनीय बनाया गया है। तलाक अब केवल न्यायालय की विधिक प्रक्रिया के माध्यम से ही मान्य होगा। साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए एक माह के भीतर पंजीकरण अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर तीन माह तक की जेल या 10 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।विधेयक में बेटियों को पैतृक एवं अर्जित संपत्ति में बेटों के समान अधिकार देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, सरोगेसी और लिव-इन संबंधों से जन्मे बच्चों को भी वैध उत्तराधिकारी का दर्जा दिया जाएगा।सरकार ने स्पष्ट किया है कि संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत सूचीबद्ध जनजातीय समुदायों, जैसे भील, गोंड, कोरकू, बैगा, सहरिया और भारिया पर यह कानून लागू नहीं होगा, ताकि उनकी पारंपरिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था सुरक्षित रहे।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विधेयक अब राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद यह प्रदेश में कानून के रूप में लागू होगा। उन्होंने इसे समानता, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इथेनॉल चावल घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा, 14 राइस मिलों पर संदेह की सुई एमपी विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश, आज होगी एक घंटे चर्चा