इंदौर। क्राइम ब्रांच इंदौर ने शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों में आकाश विश्वकर्मा (32), प्रवीण पाल (24) और आशीष पुरी (28) शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 15 मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की पासबुक, सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी विभिन्न लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाते या उपलब्ध कराते थे। इसके बाद बैंकिंग किट (एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और सिम कार्ड) साइबर ठगों तक पहुंचाई जाती थी। इन खातों का उपयोग शेयर ट्रेडिंग, ऑनलाइन निवेश और अन्य साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धनराशि के संग्रहण, ट्रांसफर और वितरण में किया जाता था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों का इस्तेमाल देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर फ्रॉड मामलों में किया गया। बैंक खातों के विश्लेषण में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन मिले हैं। संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। क्राइम ब्रांच के अनुसार, पूछताछ में साइबर फ्रॉड गिरोह के मास्टरमाइंड, अन्य सक्रिय सदस्यों और बैंकिंग नेटवर्क से जुड़े सहयोगियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पीएम आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में भाजपा का मार्च, कांग्रेस को दी चेतावनी शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी