अदालती फैसले के बाद समर्थकों ने कहा— जनादेश सबसे बड़ा, जनता ही तय करेगी भविष्यखबर:हालिया अदालती फैसले के बाद संबंधित जनप्रतिनिधि के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। समर्थकों का कहना है कि अदालत ने तकनीकी आधार पर उनकी उम्मीदवारी को निरस्त किया है, लेकिन जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता और वर्षों की सक्रियता उनके राजनीतिक भविष्य को मजबूत बनाए रखेगी।समर्थकों का दावा है कि लगातार तीन कार्यकाल के दौरान जनता के बीच रहकर किए गए कार्यों के कारण उन्हें व्यापक जनसमर्थन मिला है। उनका मानना है कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता के वोट से होता है और किसी भी नेता की वास्तविक ताकत जनादेश से तय होती है।समर्थकों का यह भी कहना है कि यदि विरोधियों को राजनीतिक मुकाबले में बढ़त नहीं मिलती, तो वे कई बार कानूनी और तकनीकी पहलुओं को मुद्दा बनाते हैं। उनके अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए भी जनता की अदालत का फैसला सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।इसी संदर्भ में समर्थकों द्वारा एक शेर भी उद्धृत किया जा रहा है—“मैं नूर बनके ज़माने में फैल जाऊँगा,तुम आफ़ताब में कीड़े निकालते रहना।”हालांकि, इस पूरे मामले पर विरोधी पक्ष का मत अलग है और न्यायालय के निर्णय को कानून के अनुरूप बताया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम फैसला आगामी चुनावों में मतदाता ही करेंगे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, बिजली कंपनी का कनिष्ठ यंत्री 40 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार मंदिर दर्शन के बहाने ले जाकर पति की हत्या का आरोप, पत्नी समेत चार गिरफ्तार