मानसून सत्र में होंगे पेश; मल्टीस्टोरी निजी विश्वविद्यालयों का रास्ता साफ, उद्योगों के लिए बनेगा सिंगल विंडो बिजनेस सचिवालय भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले नौ महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दे दी है। इनमें निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), निजी कोचिंग संस्थानों के विनियमन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, श्रम संहिता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और राजमार्ग संशोधन जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। इन विधेयकों को 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण संशोधन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़ा है। नए प्रावधान के तहत निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए 25 एकड़ भूमि की अनिवार्यता समाप्त कर “पर्याप्त भूमि” का प्रावधान किया जाएगा। इससे शहरों और शहरी सीमा से लगे क्षेत्रों में मल्टीस्टोरी निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने का रास्ता खुल जाएगा। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 के तहत मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में विशेष बिजनेस सचिवालय बनाया जाएगा। यहां निवेशकों को विभिन्न विभागों की सभी स्वीकृतियां सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया तेज होगी। सरकार निजी कोचिंग संस्थानों के लिए भी सख्त नियम लागू करने जा रही है। प्रस्तावित कानून के अनुसार 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। कोचिंग संस्थानों का पंजीयन अनिवार्य होगा तथा भ्रामक विज्ञापन देने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ता है तो उसे निर्धारित अवधि में यथानुपात फीस वापस करनी होगी। यूसीसी और श्रम संहिता भी एजेंडे में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक में विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार संबंधी मामलों में समान कानून लागू करने का प्रावधान है। इसमें लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य पंजीकरण तथा पैतृक संपत्ति में महिला और पुरुष को समान अधिकार देने का प्रस्ताव भी शामिल है, जबकि अनुसूचित जनजातियों को इससे छूट देने का प्रावधान रखा गया है। मध्यप्रदेश श्रम संहिता-2026 के तहत पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर केंद्रीय श्रम संहिता के अनुरूप एकीकृत व्यवस्था लागू की जाएगी। वहीं नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन विधेयक के माध्यम से पुलिस और न्यायिक जांच प्रक्रियाओं को डिजिटल स्वरूप दिया जाएगा। फायर एक्ट और राजमार्ग कानून होंगे सख्त प्रस्तावित अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक के तहत 15 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों, बड़े स्कूलों, अस्पतालों, होटलों, मॉल और व्यावसायिक परिसरों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य होगी। नियमों के उल्लंघन पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। साथ ही नगरीय निकायों में फायर सेफ्टी टैक्स लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा राजमार्ग संशोधन विधेयक के माध्यम से राज्य राजमार्गों पर अवैध कट और अतिक्रमण रोकने के लिए कड़े प्रावधान लागू किए जाएंगे। पंचायत राज, उपकर, आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय और धनवंतरी स्वास्थ्य विश्वविद्यालय से जुड़े विधेयक भी मानसून सत्र में पेश किए जाएंगे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मंदिर दर्शन के बहाने ले जाकर पति की हत्या का आरोप, पत्नी समेत चार गिरफ्तार एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई से पीछे हटे घुसपैठिए