इंदौर। प्रदीप चौधरी। बहुचर्चित ड्रग्स, ऑनलाइन सट्टा और भूमाफिया सिंडिकेट मामले की जांच में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस द्वारा कॉलोनाइजर सुमित मंत्री को कथित रूप से बेड रेस्ट का मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने वाले डॉक्टर दीपक बंसल से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान डॉक्टर ने दावा किया कि उन्होंने केवल स्वास्थ्य संबंधी शिकायत के आधार पर आराम की सलाह दी थी और स्पष्ट रूप से कहा था कि मेडिकल सर्टिफिकेट का उपयोग पुलिस या न्यायालय की कार्रवाई से बचने के लिए नहीं किया जाए। पुलिस का कहना है कि सुमित मंत्री ने इस दस्तावेज का गलत इस्तेमाल किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर से पूछताछ की जानकारी मिलते ही सुमित मंत्री राजेंद्र नगर थाने से वहां से निकल गया। इसके बाद उसकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर रवाना की गई हैं।जांच के दौरान पुलिस शुभम वैली कॉलोनी से जुड़े 374 प्लॉटों के रिकॉर्ड और सुमित मंत्री से जुड़ी पांच फर्मों के बैंक खातों एवं वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। इसी कॉलोनी के एक प्लॉट को लेकर कथित फर्जी एग्रीमेंट के मामले की भी जांच जारी है। डीसीपी नरेंद्र रावत के अनुसार पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर संबंधित प्रकरण में एफआईआर दर्ज की जाएगी।उधर, ड्रग्स मामले के मुख्य आरोपी संजय कौशल उर्फ रॉनी भाई की रिमांड के दौरान ऑनलाइन सट्टे के एक बड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। पुलिस इस मामले में संजय कौशल और प्रितेश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि संजीव जैन, दिनेश चौहान सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।इसी कड़ी में पुलिस ने सट्टा प्रकरण में एक और आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि ड्रग्स, ऑनलाइन सट्टा और जमीन से जुड़े पूरे सिंडिकेट की हर पहलू से जांच की जा रही है तथा मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: ढाबों पर छापेमारी, 44 प्रकरण दर्ज महिदपुर पुलिस की जुआरियों पर कार्रवाई, 7 आरोपी गिरफ्तार, नकदी व ताश के पत्ते जब्त