इंदौर। आमिर खान। इंदौर के चर्चित ड्रग्स मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के भाई नाना पटवारी को राजेंद्र नगर पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में लेने के बाद मामला गरमा गया है। पूछताछ के बाद रिहा हुए नाना पटवारी पहली बार मीडिया के सामने आए और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने यह स्वीकार किया कि करीब तीन वर्ष पहले तक वे ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन अब पूरी तरह नशा छोड़ चुके हैं और शराब भी नहीं पीते। पुलिस ने गुरुवार सुबह नाना पटवारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो “Tiger Is Back” संदेश के साथ वायरल हुआ, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। इसी बीच यह भी सामने आया कि उनके खिलाफ राजेंद्र नगर थाने में नौ प्रकरण दर्ज हैं। कांग्रेस का कहना है कि इनमें अधिकांश मामले आंदोलन और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हैं तथा कुछ मामलों में वे बरी हो चुके हैं। मीडिया से बातचीत में नाना पटवारी ने दावा किया कि वे अपनी कार सर्विसिंग के लिए जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें सन साइन सिटी कॉलोनी के पास रोक लिया। उनका आरोप है कि पूरे दिन उन्हें पुलिस वाहन में घुमाया गया, लेकिन ड्रग्स मामले को लेकर एक भी सवाल नहीं पूछा गया और हिरासत का कारण भी नहीं बताया गया। ड्रग्स मामले में गिरफ्तार आरोपियों से संबंधों को लेकर नाना पटवारी ने कहा कि पकड़े गए कुछ लोग पहले कांग्रेस के कार्यकर्ता रहे हैं और चुनाव के दौरान उनके लिए काम कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी संजय कौशल के सर्विस सेंटर पर उनकी गाड़ियां सर्विस और धुलाई के लिए जाती थीं, इसलिए सामान्य परिचय था। उन्होंने कहा कि इससे आगे उनका ड्रग्स प्रकरण से कोई संबंध नहीं है। नाना पटवारी का सबसे चर्चित बयान तब सामने आया, जब उन्होंने स्वीकार किया कि करीब तीन साल पहले तक वे ड्रग्स का सेवन करते थे। हालांकि उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से उन्होंने पूरी तरह नशा छोड़ दिया है। अब न तो ड्रग्स लेते हैं और न ही शराब पीते हैं। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए पूरे मामले को साजिश करार दिया। इस मामले पर जीतू पटवारी ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके परिवार को राजनीतिक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनके परिवार को प्रताड़ित करना चाहती है तो वे इसके लिए भी तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, जीतू पटवारी के कानूनी सलाहकार एडवोकेट जय हड़िया ने कहा कि नाना पटवारी के खिलाफ दर्ज नौ मामलों में अधिकांश किसान आंदोलनों, चुनावी विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में नाना पटवारी को पहले ही राहत मिल चुकी है। फिलहाल पुलिस ड्रग्स मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। दूसरी ओर नाना पटवारी पुलिस कार्रवाई को साजिश बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रताड़ना का मामला बता रही है। ऐसे में अब सभी की नजर पुलिस जांच और उसके आगामी निष्कर्षों पर टिकी है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बालाघाट में कुएं में जहरीली गैस से दो लोगों की मौत, मोटर निकालने उतरे थे दोनों युवक इंदौर पुलिस ने 11 लाख की ब्राउन शुगर के साथ मंदसौर का तस्कर दबोचा