इंदौर। प्रदीप चौधरी। इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच में पदस्थ एक महिला आरक्षक और उनके परिजनों पर एक व्यापारी ने पुलिस पद का रौब दिखाकर विवाद करने, धमकाने और हथियार लहराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच के आदेश देते हुए पूरा प्रकरण एडीसीपी मल्हारगंज को सौंप दिया है। शिकायतकर्ता व्यापारी शेखर ठाकुर के अनुसार, 17 जनवरी 2026 को मल्हारगंज थाना क्षेत्र में हुए विवाद के दौरान महिला आरक्षक रेणुका वरकिया, उनके पति, ससुर और अन्य परिजनों ने चाकू, हॉकी और डंडों के साथ डराने-धमकाने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता का दावा है कि घटना के दौरान महिला आरक्षक ने अपने ससुर से धारदार चाकू निकलवाकर लहराया, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम के सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेज पुलिस कमिश्नर को सौंपे हैं।पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद उनका मेडिकल तो कराया गया, लेकिन एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल एनसीआर दर्ज की गई। उनका यह भी कहना है कि सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं की गई और बाद में महिला आरक्षक की ओर से उन्हीं के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया गया।इस मामले में डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि शिकायत पुलिस जनसुनवाई में प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहले हुए विवाद में महिला आरक्षक की ओर से छेड़छाड़ का प्रकरण दर्ज कराया गया था, जबकि उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने इस संबंध में जिला न्यायालय में परिवाद भी दायर किया है। मामले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है। न्यायालय के आदेश और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन क्षिप्रा में चलती स्लीपर बस में लगी आग, सभी 25 यात्री सुरक्षित निकाले गए खुशी कुलवाल केस में नाना पटवारी गिरफ्तार, प्रदेश की सियासत गरमाई