जल स्रोतों के संरक्षण, भूजल प्रबंधन और जल वितरण व्यवस्था सुधारने पर बनी सहमतिइंदौर। प्रदीप चौधरी।। शहर की जल व्यवस्था, भूजल संरक्षण, सीवरेज प्रबंधन और जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर कंट्रोल रूम में दो घंटे से अधिक समय तक मैराथन प्रस्तुतीकरण और चर्चा आयोजित की गई। न्यायालयीन आदेश के पालन में आयोजित इस बैठक में याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी और महेश वर्मा ने 11 पृष्ठों का तथ्यात्मक, सांख्यिकीय एवं नियम आधारित प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जल प्रभारी अभिषेक शर्मा, पार्षदगण, उपायुक्त, पीएचई, जलूद तथा जलयंत्रालय के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जल स्रोतों के संरक्षण और भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वाचूपॉइंट, जलूद, बिजलपुर कंट्रोल रूम, टंकियों के भराव, जल वितरण की मॉनिटरिंग और क्लोरीन मेंटेनेंस व्यवस्था को और मजबूत करने पर सहमति बनी।चर्चा में यह भी निर्णय लिया गया कि भूजल को पीने योग्य नहीं होने की स्थिति में आम जनता को इसकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही भूजल के व्यावसायिक उपयोग और बिक्री पर नियंत्रण, ट्यूबवेलों का पंजीयन रिकॉर्ड तैयार करने तथा उपयोग शुल्क निर्धारित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।बैठक में संपत्ति कर को जिला गाइडलाइन के अनुरूप करने तथा जलूद से नगर निगम सीमा तक वितरित पानी के खर्च के समायोजन को लेकर राज्य शासन से निर्णय लेने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसके अलावा निगम जलयंत्रालय और पीएचई के एकीकरण तथा इंदौर तहसील के जल संसाधन विभाग (WRD) को पुनः स्थापित कर निगम के अधीन लाने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई।नदी-तालाबों के वाटरशेड मैप आधारित सीमांकन, जल स्रोत क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों पर रोक और प्राकृतिक सफाई व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि जल स्रोतों के संरक्षण के लिए रिवर फ्रंट डेवलपमेंट जैसी परियोजनाओं पर पुनर्विचार किया जाए।मास्टर प्लान और केंद्रीय मानकों के अनुसार तालाबों के संवर्धन और संरक्षण पर भी सहमति बनी, ताकि भविष्य में शहर के लिए स्थायी जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जा सके। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन विधानसभा सत्र में पेश होगा यूसीसी विधेयक, पारित होने का भरोसा: सीएम मोहन यादव लाड़ली बहना योजना पर कांग्रेस की टिप्पणियां माताओं-बहनों का अपमान : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव