भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद प्रदेशवासियों के नाम खुला पत्र जारी कर लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।पटवारी ने कहा कि यह केवल एक उम्मीदवार का नामांकन निरस्त होने का मामला नहीं है, बल्कि देश की संवैधानिक संस्थाओं पर जनता के विश्वास से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के घटनाक्रम ने उनकी चिंताओं को और गहरा कर दिया है तथा यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या संवैधानिक संस्थाएं पूरी स्वतंत्रता के साथ कार्य कर पा रही हैं।कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने का नाम नहीं है, बल्कि निष्पक्षता, समान अवसर और कानून के समक्ष सभी की समान जवाबदेही का नाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में निर्वाचित सरकारों के गिरने, जनादेश बदलने और राजनीतिक घटनाक्रमों ने लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया है।पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश भी राजनीतिक घटनाओं और सत्ता परिवर्तन का साक्षी रहा है, इसलिए राज्यसभा चुनाव से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर जनता के मन में स्वाभाविक रूप से सवाल और आशंकाएं उत्पन्न हुई हैं।उन्होंने संविधान को देश की आत्मा बताते हुए कहा कि इसकी रक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया।पत्र के अंत में जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी संरक्षक कोई संस्था नहीं, बल्कि जागरूक जनता होती है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समाज को लगातार सचेत रहना चाहिए। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कांग्रेस के अपनों ने ही खोल दी पूरी पोल, नामांकन रद्द होने से सच्चाई आई सामने : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आज, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली पहुंचे