पानी मांगने सड़क पर उतरे पार्षद, पुलिस अफसरों के पैरों में गिरकर बोले – “जनता मर जाएगी”इंदौर। प्रदीप चौधरी/अंकुल प्रताप सिंह, बघेल.ll देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला Indore इन दिनों बूंद-बूंद पानी के लिए तड़प रहा है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोग पानी के लिए घंटों लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं, जबकि जनप्रतिनिधियों की चुप्पी जनता के गुस्से को और भड़का रही है। View this post on Instagram एक तरफ मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने पेयजल संकट पर सख्त मॉनिटरिंग और कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ इंदौर की सड़कों पर पानी के लिए प्रदर्शन करने वालों पर एफआईआर दर्ज हो रही है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या अब मूलभूत सुविधाओं की मांग करना भी अपराध बन गया है?शहर में बढ़ते जल संकट के बीच कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी ने पालदा क्षेत्र में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। नेमावर रोड स्थित पलड़ा हनुमान मंदिर के पास समर्थकों के साथ चक्का जाम कर उन्होंने पुलिस अधिकारियों के पैरों में गिरकर पानी की गुहार लगाई। दंडवत होकर रेंगते हुए अफसरों तक पहुंचे और बोले – “सर पानी नहीं है, पानी दिलवा दो… जनता मर जाएगी।”करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन से नेमावर रोड पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन जारी रहने पर थाना भंवरकुआं में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।शहर में लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। रहवासियों का कहना है कि “इंदौर में अब खून सस्ता और पानी महंगा हो गया है।” नलों में पानी नहीं आ रहा, टैंकर समय पर नहीं पहुंच रहे और जहां टैंकर पहुंचते हैं वहां भी मनमानी और पैसों की मांग के आरोप लग रहे हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई नर्मदा पाइपलाइन व्यवस्था आखिर बार-बार क्यों फेल हो रही है? नगर निगम टैक्स वसूली में तो आगे दिखाई देता है, लेकिन जनता को मूलभूत सुविधाएं देने में क्यों पिछड़ रहा है?भागीरथपुरा जैसे बड़े घटनाक्रमों के बाद भी शहर के बड़े जनप्रतिनिधि मैदान में दिखाई नहीं दे रहे। जहां कांग्रेस नेता सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं पुलिस कार्रवाई करती नजर आ रही है। इसे लेकर विपक्ष सरकार और प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगा रहा है।पुलिस द्वारा जिन लोगों पर प्रकरण दर्ज किया गया है, उनमें कुणाल सोलंकी सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता और रहवासी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति प्रदर्शन कर यातायात और लोक व्यवस्था बाधित की गई।लेकिन जनता का सवाल अब भी वही है —“क्या पानी मांगना गुनाह है?” Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पेयजल संकट पर सरकार सख्त, हर जिले में बनेगा कंट्रोल रूम पानी संकट पर चक्का जाम, वार्ड 75 पार्षद समेत कई लोगों पर केस दर्ज