भोपाल। “एमपी अजब है, सबसे गजब है” कहावत को सच साबित करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भोपाल एयरपोर्ट पर फ्लाइट पकड़ने पहुंचे एक इंजीनियर को केवल इसलिए जेल भेज दिया गया क्योंकि उनके बैग में रखे अमचूर को जांच मशीन ने ड्रग्स बता दिया।जानकारी के अनुसार इंजीनियर अजय सिंह 7 मई 2010 को भोपाल एयरपोर्ट से दिल्ली जाने के लिए पहुंचे थे। सुरक्षा जांच के दौरान उनके बैग में रखे अमचूर पर एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर ने हेरोइन और अन्य मादक पदार्थ होने का संकेत दिया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अजय सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।बताया गया कि मामले की फोरेंसिक जांच मध्य प्रदेश में नहीं हो सकी क्योंकि उस समय राज्य में संबंधित टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद सैंपल जांच के लिए हैदराबाद भेजा गया। करीब 57 दिन बाद आई फोरेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जब्त पदार्थ अमचूर था, कोई मादक पदार्थ नहीं। इसके बाद 2 जुलाई को अजय सिंह को रिहा किया गया।मामले की सुनवाई के दौरान Madhya Pradesh High Court ने राज्य की फोरेंसिक जांच व्यवस्था पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जांच में लापरवाही के कारण एक निर्दोष व्यक्ति को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा। अदालत ने अजय सिंह को 10 लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सीधी को नया संभाग बनाने की मांग फिर तेज, विधायक विश्वामित्र पाठक ने सीएम से की मुलाकात बहू आत्महत्या मामले में पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत