धार/इंदौर। प्रदीप चौधरी। लोकायुक्त इंदौर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए समग्र शिक्षा केन्द्र धार के जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर निर्माण कार्य के पूर्णता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के एवज में 17 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।लोकायुक्त इंदौर से मिली जानकारी के अनुसार महानिदेशक लोकायुक्त श्री योगेश देशमुख एवं उप पुलिस महानिरीक्षक श्री मनोज कुमार राय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। आवेदक दिलीप साधव, जो जिला शिक्षा केन्द्र धार में प्रभारी सहायक यंत्री के पद पर पदस्थ हैं, ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।शिकायत में बताया गया कि समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत धार जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालय परिसरों में 122 शौचालयों के निर्माण के लिए करीब 3 करोड़ 42 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। इन निर्माण कार्यों का सुपरविजन आवेदक द्वारा किया जा रहा था। आरोप है कि जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे ने कार्य पूर्ण प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के एवज में 5 प्रतिशत कमीशन के रूप में 17 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी।लोकायुक्त पुलिस द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद 18 मई 2026 को ट्रैप दल का गठन कर कार्रवाई की गई। आरोपी प्रदीप कुमार खरे को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, कमलेश परिहार, मनीष माथुर, श्रीकृष्ण अहिरवार एवं प्रभात मोरे शामिल रहे।लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में की जा सकती है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्र ने हॉस्टल से कूदकर की आत्महत्या डीएवीवी IET हॉस्टल में छात्रों का उत्पात, रिजल्ट और प्लेसमेंट पर गिरी गाज