हाई कोर्ट ने भोजशाला को माना मंदिर, हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकारधार।भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के फैसले के बाद धार शहर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। शुक्रवार को फैसले से पहले जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। जिला दंडाधिकारी द्वारा जिले में धारा 163 लागू कर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए थे। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थीं। शुक्रवार होने के कारण भोजशाला में नमाज को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा धार की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक एवं मां वाग्देवी की आराधना स्थली मानते हुए दिया गया निर्णय हमारी आस्था, सांस्कृतिक विरासत और इतिहास के सम्मान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। हमारी संस्कृति सदैव ‘सर्वधर्म समभाव’, सामाजिक समरसता और भाईचारे की संवाहक रही है। मध्यप्रदेश सरकार न्यायालय के निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए प्रदेश में सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव एवं सामाजिक सद्भाव को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री दोपहर करीब ढाई बजे इंदौर हाई कोर्ट ने अपने फैसले में भोजशाला को मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दे दिया। अदालत ने एएसआई की 98 दिनों की वैज्ञानिक रिपोर्ट को मान्य माना, जिसमें भोजशाला परिसर में हिंदू मंदिर के अवशेष होने की बात सामने आई थी। कोर्ट ने हिंदू पक्ष के दावे को स्वीकार करते हुए भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना।फैसले के बाद याचिकाकर्ता संस्था हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने खुशी जाहिर की। संस्था से जुड़े आशीष गोयल ने वीडियो संदेश जारी कर फैसले का स्वागत किया। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कोई आतिशबाजी, जुलूस या विरोध प्रदर्शन न किया जाए और अभद्र भाषा का प्रयोग न हो। उन्होंने लोगों से शाम को अपने घरों में दीपक जलाकर मां सरस्वती की पूजा करने का आग्रह किया। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन चारधाम यात्रा के नाम पर साइबर ठगी से सावधान, अधिकृत वेबसाइट से ही करें हेलीकॉप्टर बुकिंग पेयजल संकट से राहत, 17 मई को बावनथडी नदी में छोड़ा जाएगा पानी