जयपुर/कोटा। गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चार प्रसूताओं की मौत और अन्य महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में मामले के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और गहन जांच के निर्देश दिए गए।चिकित्सा मंत्री गुरुवार को कोटा पहुंचकर न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के साथ भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी मुलाकात करेंगे।बैठक में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे।चिकित्सा मंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। दवाओं की गुणवत्ता, ऑपरेशन थियेटर में संक्रमण, उपकरणों की स्थिति और उपचार में लापरवाही सहित सभी पहलुओं की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि दवाओं और उपकरणों के नमूनों की जांच रिपोर्ट जल्द प्राप्त की जाए।राज्य सरकार ने मामले में तत्परता दिखाते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कोटा भेजी है। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर तीन चिकित्सकों और चार नर्सिंगकर्मियों को निलंबित किया गया है, जबकि यूटीबी पर कार्यरत एक चिकित्सक को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही दोनों अस्पतालों के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।मंत्री ने प्रदेश के उन सभी अस्पतालों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, जहां रोगियों और प्रसव की संख्या अधिक रहती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पर्यावरण, राजनीति और ऊर्जा क्षेत्र में मध्य प्रदेश की बड़ी पहलें जान से मारने की धमकी देकर वसूली करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार