1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को राहत देने की मांग पर सुनवाई, अदालत ने छूट अवधि समाप्त होने की कही बातनई दिल्ली/भोपाल।मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा संकेत दिया है। बुधवार को हुई महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना TET पास किए किसी भी शिक्षक की नियुक्ति संभव नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी को शिक्षा क्षेत्र में बड़ा और निर्णायक संदेश माना जा रहा है।सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पात्रता परीक्षा से संबंधित जो विशेष राहत या छूट पहले दी जानी थी, उसकी अवधि अब समाप्त हो चुकी है। ऐसे में भविष्य में इस संबंध में नई राहत दिए जाने की संभावना बेहद कम दिखाई दे रही है।यह मामला मध्यप्रदेश सरकार तथा विभिन्न शिक्षक संगठनों द्वारा दायर पुनर्विचार याचिकाओं से जुड़ा है। इन याचिकाओं में वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को TET परीक्षा से छूट देने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को पात्रता परीक्षा से मुक्त रखा जाए, ताकि उनकी नौकरी प्रभावित न हो।हालांकि सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय शिक्षा मानकों के तहत शिक्षक नियुक्ति के लिए TET अनिवार्य शर्त बनी रहेगी। अदालत की टिप्पणी के बाद हजारों शिक्षकों और अभ्यर्थियों की निगाहें अब अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सेहत विशेष : श्वासावरोध और दमा से बचाव के आयुर्वेदिक उपाय फिलीपींस सीनेट भवन के पास गोलीबारी से मचा हड़कंप