पर कई स्थानों पर निर्माण कार्य को प्रभावित कर रही है तकनीकी एवं विभागीय समस्याऐंझाबुआ : राजेश सोनीरतलाम से फूलमाल झाबुआ तक 10 मीटर चौडे सडक निर्माण कार्य में कई स्थानों पर तकनीकी एवं विभागीय अनुमति जैसी समस्याओं के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है । जल्द और बेहतर निर्माण के प्रयासों के साथ ही निर्माण कम्पनी को तकनीकी समस्याओं के कारण कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य को गति नहीं मिल पा रही है ।पूरे सडक निर्माण में निर्माण एजेंसी को कुछ स्थानो पर विभागीय स्वीकृति एवं तकनीकी समस्याओ से जूझना पड रहा है । थांदला खवासा के बीच वन विभाग क्षेत्र जहाँ अनुमति के इंतजार मे निर्माण बाकी है. वनविभाग की अनुमति का इंतजार–थांदला से खवासा की ओर सडक निर्माण कार्य आरंभ हुआ, जिसे निर्माण कम्पनी ने कम समय में बेहतर सडक सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया और थांदला से खवासा होते हुए सातेर घाटी बामनिया का निर्माण भी अंतिम चरण में पहुंच गया ।,किन्तु थांदला से खवासा के मध्य सुजापुरा घाट से सागवा के बीच आने वाले वनविभाग क्षेत्र में नवीन सडक निर्माण कार्य विभागीय अनुमति नहीं मिल पाने के कारण नहीं हो पाया। निर्माण एजेंसी द्वारा विगत 6 महिनों पूर्व आवष्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के बावजूद विभागीय हरी झण्डी नहीं मिल पाने से थांदला से खवासा के मध्य लगभग 4 किमी से अधिक दूरी में निर्माण एजेंसी सडक निर्माण का कार्य नहीं पाई है ।जिससे थांदला से खवासा के बीच आमजन को बेहतर सडक मार्ग के होने के बावजूद बीच में दो स्थानों पर वन विभागीय क्षेत्र में पुरानी जर्जर सडक से होकर गुजरना पड रहा है ।वनविभाग द्वारा आमजन की सुविधा को लेकर क्यों लेटलतीफी की जा रही है यह समझ से परे है । खवासा -बामनिया के बीच सातेर घाटी तक नवीन सड़क, किन्तु यहां रेलवे ओवर ब्रिज एवं बायपास के कारण निर्माण छोड़ा गया ओव्हर ब्रिज निर्माण का मामला-इसी तरह खवासा -बामनिया के मध्य सातेर घाटी पर निर्माण एजेंसी ने निर्माण रोककर लाडकी नदी घाटी क्षेत्र से निर्माण आरंभ किया है ।इस लगभग साढे 4 किमी का निर्माण छोडने का कारण रेल्वे का ओवरब्रिज है जिसके स्थान निर्धारण के साथ बायपास का बनना है ।बामनिया रेल्वे ओव्हर ब्रिज का यदि सूत्रों की सत्यता माने तो सातेर घाटी से सीधे टेकरी श्रीराम मंदिर के समीप से बामनिया के चित्तौडीरूण्डी क्षेत्र की दिशा में निकलना तय है । ऐसी स्थिति में निर्माण एजेंसी ने 10 मीटर चौडे सडक निर्माण को उसी स्थान पर रोक दिया है । जबकि यदि निर्माण इसी स्थिति में चलता तो बामनिया में रेल्वेस्टेशन से प्रवेश, मुख्य चौराहा एवं रतलामरोड पर आवश्यक भूमि अधिग्रहण मे निर्माण एजेंसी के पास अतिक्रमण हटाने या आवश्यक होने पर मुआवजा देने का कोई अधिकार ही नहीं है । ऐसे में निर्माण एजेंसी ने इस साढे 4 किमी के टुकडे को फिलहाल छोडकर लाडकी नदी घाट से निर्माण आरंभ कर दिया है,लगभग यह तय है कि इस सडक मार्ग निर्माण कार्य की समयावधि में बामनिया का रेल्वे ओव्हर ब्रिज बनना असभंव है, ऐसी स्थिति में निर्माण एजेंसी सूत्र बताते है कि इस समूचे लगभग 100 किमी के सडक निर्माण की अंतिम निर्माण स्थिति में बामनिया वासियों को सातेर घाटी से लाडकी नदी घाट क्षेत्र तक वर्तमान सडक पर ही इसी चौडाई की एक नई सडक सुविधा मिलेगी । निर्माण के बाद ऐसी बेहतर सड़क मिलेगी चौडाई बढाने पर रूका था मामला –बामनिया-रानीसिंग के बीच करवड में 7 मीटर चौडी सडक निर्माण को लेकर निर्माण आरंभ हुआ ,बाद में स्थान मिलने पर इसे 12 मीटर किए जाने की कवायद हुई और उसी प्रक्रिया के पूर्ण करने में निर्माण एजेंसी को लेटलतीफ होना पडा । यहां 12 मीटर के सीसी रोड निर्माण की मंजूरी हाल ही में हुई है जहां जल्द ही अब नवीन 12 मीटर के सीसी रोड का निर्माण होगा यहां भी करना पडा निर्माण-बामनिया से रतलाम की ओर ग्राम पश्चिम छायन में शीघ्रता से सडक निर्माण कार्य जारी किया गया है,किन्तु यहां सीसी रोड के एक भाग पर एक स्थान पर रोड के किनारे एक विघुत पोल को समय पर नहीं हटा पाने एवं आमजन को धूलमिटटी और यातायात में आ रही परेशानी को देखते हुए उसके साथ ही सीसी रोड का निर्माण करना पडा । हालांकि इस हिस्से में विघुत पोल हटाए जाने के बाद ही यातायात आरंभ होगा।इनका कहना है –थांदला- खवासा के बीच वनविभाग क्षेत्र में अनुमति मिलते ही कार्य पूर्ण किया जाएगा। बामनिया क्षेत्र में ओव्हर ब्रिज एवं बायपास के कारण साढे चार किमी निर्माण रोका गया है ,अंतिम चरण में वर्तमान मार्ग पर इसी चौडाई की नवीन सडक बनाई जाएगी । पश्चिम छायन में विघुत पोल हटने के बाद ही इस भाग पर यातायात आरंभ किया जाएगा । निर्माण कम्पनी द्वारा शीघ्र एवं बेहतर कार्य का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आमजन को यातायात में कम से कम परेशानी का सामना करना पडे । अशोक रावल ,प्रोजेक्ट मैनेजर ,रोड निर्माण कम्पनी Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नए एसपी देवेंद्र पाटीदार ने संभाली झाबुआ जिले की कमानअपराधनियंत्रण ,सामाजिकजागरूकता और बेहतर पुलिस व्यवस्था का रहेगा लक्ष्य 55 दिन तक गुमराह होता रहा पीड़ित परिवार!
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