भारतीय रेलवे अब अपनी 40 साल पुरानी आरक्षण प्रणाली को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से और अधिक स्मार्ट बनाने जा रहा है। नई अपग्रेडेड पीआरएस प्रणाली के लागू होने के बाद वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान पहले के मुकाबले कहीं अधिक सटीक हो जाएगा। रेलवे के अनुसार अब यह सटीकता 53 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 94 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।अश्विनी वैष्णव ने रेलवे अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अगस्त 2026 से चरणबद्ध तरीके से नई प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलाव के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में रेल राज्य मंत्री वी सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद रहे।रेलवे अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 1986 में शुरू हुई आरक्षण प्रणाली में यह अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव माना जा रहा है। वर्तमान में रेलवे टिकटों की करीब 88 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है।इस बीच RailOne ऐप भी यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अब तक इस ऐप को लगभग 3.5 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है और प्रतिदिन करीब 9.29 लाख टिकट इसके माध्यम से बुक किए जा रहे हैं।रेलवन ऐप की खासियत यह है कि यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर टिकट बुकिंग, टिकट कैंसिलेशन, रिफंड, ट्रेन की लाइव लोकेशन, प्लेटफॉर्म जानकारी, कोच पोजीशन, वेटिंग स्टेटस और रेल मदद जैसी सुविधाएं मिलती हैं। यात्री यात्रा के दौरान सीट पर भोजन भी इसी ऐप से ऑर्डर कर सकते हैं।भारतीय रेलवे ने वर्ष 2024-25 में यात्रियों को करीब 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की। औसतन हर टिकट पर यात्रियों को लगभग 43 प्रतिशत तक राहत मिल रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नरेंद्र सिंह रावत ने संभाला डीसीपी जोन-01 इंदौर का पदभार बालाघाट में NCC कैडेटों को यातायात नियमों की दी जानकारी