भोपाल। कान्हा टाइगर रिजर्व में 9 दिनों के भीतर बाघिन और उसके शावकों समेत 6 बाघों की मौत के बाद वन विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में मौत की वजह खतरनाक केनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) मानी जा रही है। मध्यप्रदेश में पहली बार इस वायरस के खतरे की पुष्टि होने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।जानकारी के अनुसार CDV वही वायरस है जिसने पहले टाइगर किंगडम में 72 बाघों और गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में शेरों की जान ली थी। अब इसी वायरस की दस्तक टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश तक पहुंचने से वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है।सूत्रों के मुताबिक कान्हा टाइगर रिजर्व में मृत पाए गए बाघों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें CDV संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद वन विभाग ने रिजर्व क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस आमतौर पर जंगली और पालतू मांसाहारी जानवरों में तेजी से फैलता है। संक्रमित जानवरों में कमजोरी, सांस लेने में दिक्कत, बुखार और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं देखने को मिलती हैं। यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो यह वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।वन विभाग अब प्रभावित क्षेत्रों में विशेष मॉनिटरिंग, सैंपलिंग और संक्रमित जानवरों की ट्रैकिंग कर रहा है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन चंदन नगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हत्या के आरोपी घंटों में गिरफ्तार लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 25 हजार की रिश्वत लेते तीन डॉक्टर रंगे हाथ गिरफ्तार