अशोकनगर। प्रदीप चौधरी। जिले से एक बेहद भावुक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 15 वर्षीय किशोरी की अस्पताल में मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता उजागर हो गई। परिजनों को शव घर ले जाने के लिए न तो एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई और न ही स्ट्रेचर की व्यवस्था हो सकी। View this post on Instagram मजबूर परिजनों ने आखिरकार किशोरी के शव को चादर में लपेटा और पैदल ही घर तक ले गए। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने यह मंजर देखा, लेकिन व्यवस्था की ओर से कोई मदद नहीं मिली।घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसी लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है।अब देखना यह होगा कि इस मामले में उच्च अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या फिर हर बार की तरह छोटे कर्मचारियों पर ही जिम्मेदारी डालकर मामला शांत कर दिया जाएगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading... Related पोस्ट नेविगेशन विक्रमशिला सेतु का हिस्सा गंगा में समाया, बड़ा हादसा टला—पुल सील, आवागमन ठप्प वार्ड 8 में गंदगी के ढेर, स्वच्छ इंदौर अभियान पर उठे सवाल