भोपाल/सागर | मध्यप्रदेश के वीरांगना दुर्गावती नौरादेही बाघ अभ्यारण्य के मुख्य क्षेत्र, विशेष रूप से बरहा और पुरैना शिविर के आसपास सागौन की लकड़ी की बड़े पैमाने पर चोरी का मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली और अभ्यारण्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2024 में उनकी ओर से लगातार चेतावनी और शिकायतें दिए जाने के बावजूद मामले को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने दावा किया कि एक महिला एवं सामाजिक संगठन द्वारा जंगल की स्थिति को लेकर “क्लीन चिट” दे दी गई, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत थी।अजय दुबे का कहना है कि यदि जंगल के पेड़ ही सुरक्षित नहीं हैं, तो बाघों की सुरक्षा की उम्मीद करना भी व्यर्थ है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि रेडियो कॉलर लगे दो बाघों के लापता होने की अब तक कोई स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई।मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने इसे संभावित अंदरूनी साजिश करार दिया है और इसमें शामिल दोषियों के साथ-साथ उनकी मदद करने वाले वन अधिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।फिलहाल, इस पूरे मामले में वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन खुलासे के बाद प्रशासन पर निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ गया है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading... Related पोस्ट नेविगेशन सिंगरौली बैंक डकैती: आरोपियों की आंशिक पहचान, पुलिस ने जनता से मांगी मदद भोंदू बाबा केस में पहली मौत: करीबी डॉ. जितेंद्र शेल्के की सड़क हादसे में जान गई, साजिश के कयास तेज