हल्का पटवारी ने लकड़ी जब्त कर शिकायतकर्ता को दिया सुपुर्दगी।

जवा,रीवा। इस वक़्त पूरे तराई क्षेत्र में सरहंगो, चोर उचक्कों एवं तस्करों का बोलबाला है जब चाहे किसी के साथ मारपीट कर दे, जब चाहे कही चोरी कर ले, किसी का पेड़ काट ले आम बात हो गयी है लेकिन शिकायत पर कोई ठोस कार्यवाही नही होने से लकड़ी तस्करों के हौशले बुलंद है।

इसी कड़ी में दिनांक 15/04/2026 को जवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खटिका से दिन दहाड़े खैर के कई औषधीय पेड़ो को काटने का मामला सामने आया है।
     जो लकड़ी लाखो की बताई जा रही है, लेकिन जमीन मालिक रामानंद पांडे को पता भी नही चला की कब लकड़ी कट गई, जब स्वामित्वकर्ता को पता चला तो तत्काल जवा तहसीलदार को सूचना दी।
सूचना पर हल्का पटवारी सहित तहसील कर्मचारी ने जाकर देखा कि शिव मंदिर के पास खैर के 6 चट्ठे छीली हुई कटी अवस्था मे रखी हुई है।

जिसमे 93 नग,110 नग,50 नग, 100 नग 105 नग,100 नग की गिनती कर ग्रामीण जनों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर शिकायतकर्ता रामानंद पांडेय पिता राम प्रसाद पांडेय की देखरेख में सुपुर्दगी दी गयी।

    शिकायतकर्ता ने बताया कि मेरे द्वारा अपनी पुस्तैनी जमीन में खैर का पेड़ लगवाया था जो लगभग 20 लाख रुपये के थे मैं डभौरा में रहता हूँ यहा आना जाना कम होता है जिसका फायदा उठाते हुए लकड़ी तस्कर उत्तर प्रदेश निवासी जितेन्द्र सिंह तथा शिवपुर का चांद और धरनीधर पांडे ने पेड़ कटवाए है साथ ही उन्होंने आरोप लगाए है कि उक्त तस्कर जितेंद्र सिंह के द्वारा मेरे भाई संपूर्णानंद पांडे को जान से मारने का धमकी देता है ।


श्री पांडे ने कहा कि सम्बंधित अधिकारियों सहित 181 में शिकायत किया, डीएफओ को फ़ोन लगाया लेकिन किसी के द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई जिसमे वन विभाग की मिलीभगत साबित हो रही है।
जिसके लिए शिकायकर्ता ने नवागत रीवा कलेक्टर से तत्काल कार्यवाही की मांग की है।

सवाल यही की इन तस्करों को किसका संरक्षण प्राप्त है कि दिन दहाड़े निजी स्वामित्व की जमीन से पेड़ कटवा रहे है और उन्हें किसी का डर भी नही है?

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By kushmendra

Journlist- NNW News(News National World)

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