शैक्षणिक-चिकित्सा संस्थानों को 30% और जरूरी सेवाओं को 35% आवंटन, होटल-रेस्टोरेंट को मात्र 18% भोपाल, 24 मार्च 2026मध्यप्रदेश सरकार ने भू-राजनीतिक हालात और केंद्र सरकार के निर्देशों के मद्देनजर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए नई प्राथमिकता व्यवस्था लागू कर दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सोमवार 23 मार्च 2026 को सभी कलेक्टर्स को यह आदेश जारी किया। सरकारी आदेश के अनुसार कमर्शियल एलपीजी का आवंटन अब निम्न प्राथमिकता क्रम में होगा: प्राथमिकता संस्था का प्रकार आवंटन प्रतिशत 01 शैक्षणिक संस्था / चिकित्सा संस्थान 30% 02 आवश्यक सेवाएँ, पुलिस, जेल, सुरक्षा बल, वृद्धाश्रम, महिला-बाल विकास संस्थान, एयरपोर्ट, रेलवे, दीनदयाल रसोई 35% 03 होटल 9% 04 रेस्टोरेंट/केटर्स 9% 05 ढाबा/स्ट्रीट फूड वेंडर 7% 06 फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग, पॉल्ट्री फीड, सीड प्रोसेसिंग उद्योग 5% 07 अन्य उद्योग व अन्य संस्थाएँ (प्रकरणवार) 5% आपूर्ति का तरीकासिलेंडर अब केवल 5 किलो, 19 किलो, 47.5 किलो और 425 किलो के पैक में ही दिए जाएंगे। हर उपभोक्ता को पिछले तीन महीनों की औसत दैनिक खपत के आधार पर दैनिक कोटा तय किया जाएगा। ओएमसी (ऑयल मार्केटिंग कंपनियों) के सॉफ्टवेयर से ऑनलाइन बुकिंग होगी और अगले दिन तक लंबित मांगें पूरी करने की कोशिश की जाएगी। जमाखोरी पर सख्त कार्रवाईजिला प्रशासन को डायवर्जन, जमाखोरी, अवैध भंडारण, कम तौल और कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता-2025, आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 और अन्य कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई होगी। जहाँ सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (PNG) उपलब्ध है, वहाँ वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही संस्थानों को अस्थायी रूप से वैकल्पिक खाना पकाने की व्यवस्था (जैसे बिजली या अन्य ईंधन) अपनाने की अपील की गई है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। आदेश संख्या: FCS/2/0025/2026-Sec-2-29, दिनांक 23.03.2026 View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मां नागणेचा काली कल्याणी धाम गंगाखेड़ी में चैत्र नवरात्रि की धूम, उमड़ रहा भक्तों का सैलाब अमेरिका-इजरायल धुरी को चुनौती देता वामपंथ