झाबुआ : राजेश सोनीरतलाम-झाबुआ मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां नागणेचा काली कल्याणी धाम गंगाखेड़ी में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान में मां नागणेचा और शेषावतार देवश्री कल्लाजी राठौर के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।संवत 1752 से जुड़ा है प्राचीन इतिहासइस पावन धाम का इतिहास काफी प्राचीन है। मां नागणेचा की मूर्ति की स्थापना संवत 1752 ई. में की गई थी। इसके पश्चात संवत 2034 में शेषावतार देवश्री कल्लाजी राठौर के गादीपति महंत नारायण सिंह जी के माध्यम से मंदिर का भव्य निर्माण करवाया गया। यहाँ मां नागणेचा के साथ ही कल्लाजी राठौर और पंचमुखी हनुमान जी का मंदिर भी भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र है।वर्तमान गादीपति कर रहे समस्याओं का निराकरणवर्तमान में गादीपति प्रताप सिंह जी राठौर के सानिध्य में देवश्री कल्लाजी के माध्यम से जन-समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। नवरात्रि के दौरान यहाँ भक्तों का भारी तांता लगा रहता है। मान्यता है कि यहाँ आने वाले हर दुखी व्यक्ति की समस्या का समाधान बाबा के दरबार में होता है।नौ दिवसीय शतचंडी यज्ञ और महाभंडारानवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में नौ दिनों तक सतत ‘शतचंडी यज्ञ’ और हवन का आयोजन किया जा रहा है। वातावरण मंत्रोच्चार और भक्तिमय भजनों से गुंजायमान है। नवरात्रि के अंतिम दिन यानी नवमी पर यज्ञ की पूर्णाहुति होगी, जिसके पश्चात विशाल भंडारा प्रसादी का वितरण किया जाएगा। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर: अब नो-पार्किंग के साथ रॉंग साइड और मोबाइल यूज पर भी सख्ती! पेट्रोलिंग टीमों ने 175+ वाहनों पर कार्रवाई, ट्रैफिक सुगम बनाने का अभियान जारी मध्यप्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों पर सख्ती!