10 महीने पहले ली थी राजनीतिक मंच पर न बैठने की सौगंध, BJP ने साधा निशानाभोपाल (म.प्र.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी ही कसम तोड़ दी। अप्रैल 2025 में ली गई शपथ के बावजूद वे मंगलवार को भोपाल में राहुल गांधी के साथ किसान महापंचायत के मंच पर नजर आए। हालांकि, उन्हें भाषण का मौका नहीं मिला, लेकिन इस घटना ने सूबे की सियासत में हलचल मचा दी है।दरअसल, पिछले साल 28 अप्रैल को ग्वालियर में आयोजित ‘संविधान बचाओ रैली’ के दौरान मंच पर बैठने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में विवाद हो गया था। तब दिग्विजय सिंह ने ऐलान किया था कि वे अब किसी भी राजनीतिक मंच पर नहीं बैठेंगे, सिर्फ भाषण देंगे। इस घोषणा के बाद कई कार्यक्रमों में वे मंच से दूर नीचे बैठे दिखे। लेकिन राहुल गांधी के भोपाल दौरे पर वे स्टेज पर पहुंच गए, जिससे उनकी कसम टूटती नजर आई।राहुल गांधी किसान महापंचायत में पहुंचे थे, जहां दिग्विजय सिंह ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “यह समझौता भारत के हित में नहीं है और किसानों के साथ अन्याय हुआ है।” साथ ही, उन्होंने INDIA गठबंधन के नेतृत्व को लेकर राहुल गांधी को निर्विवाद नेता बताया।इस घटना पर भाजपा ने तंज कसा। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, “राजनीति में मंच और कुर्सी की लड़ाई अहम होती है। दिग्विजय सिंह भी इससे अलग नहीं हैं। उन्होंने कसम ली थी, फिर मंच पर क्यों बैठे? वैसे राजनीति में कसमें अक्सर सिर्फ बातें ही साबित होती हैं।” याद रहे, 2003 में कांग्रेस की हार के बाद दिग्विजय ने 10 साल तक कोई पद न लेने की कसम ली थी, जिसे उन्होंने निभाया था। लेकिन इस बार उनकी सौगंध कमजोर साबित हुई।यह घटना कांग्रेस में आंतरिक एकता और नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रही है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक अवसर के रूप में भुना रही है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान नाबालिग छात्रा ने बाथरूम में दिया बच्चे को जन्म थाना प्रभारी समेत दो कॉन्स्टेबल सस्पेंड