नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होने जा रही है। गुरुवार को रक्षा मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में स्वीकृत इस सौदे की कुल कीमत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े रक्षा सौदों में से एक बनाता है। यह फैसला फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के अगले हफ्ते होने वाले भारत दौरे से ठीक पहले आया है, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और प्रगाढ़ होने की उम्मीद है।यह सौदा पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत होगा, जिसके अंतर्गत इन फ्रांसीसी विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस सौदे के तहत राफेल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट भारत की किसी स्वदेशी कंपनी के साथ मिलकर एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करेगी। भारत में बनने वाले इन विमानों में करीब 60 प्रतिशत उपकरण और हथियार स्वदेशी होंगे।रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड ने पिछले महीने ही इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी, जो किसी भी रक्षा सौदे की प्रक्रिया का पहला कदम होता है। डीएसी की मंजूरी के बाद अब यह प्रस्ताव वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, 17 से 19 फरवरी के बीच राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान इस G2G (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) डील पर अंतिम फैसला हो सकता है। यह भी संभावना है कि तत्काल जरूरतों को देखते हुए 114 विमानों में से शुरुआती 16 राफेल सीधे फ्रांस से खरीदे जा सकते हैं, जबकि बाकी का निर्माण भारत में होगा। इन 114 लड़ाकू विमानों से वायुसेना की 5 से 6 नई स्क्वाड्रन खड़ी की जा सकती हैं, जिससे घटती स्क्वाड्रन की संख्या की चुनौती से निपटने में बड़ी मदद मिलेगी। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर सदर बाजार पुलिस की सराहनीय पहल: मानसिक रूप से विकृत 19 वर्षीय पूरव धानुक को चंद घंटों में ढूंढ निकाला, परिवार में खुशी की लहर ड्रग्स की लेडी माफिया सीमा नाथ गैंग का एक और पेडलर क्राइम ब्रांच इंदौर की पकड़ में