इंदौर, [प्रदीप चौधरी]: इंदौर के लसुड़िया थाना क्षेत्र अंतर्गत महालक्ष्मी नगर में सालों से चल रहे नशे के अवैध कारोबार का पर्दाफाश एक साहसी महिला की हिम्मत से हुआ है। एक अकाउंटेंट महिला ने अपने पति द्वारा पान की दुकान की आड़ में गांजा और स्मैक बेचे जाने का वीडियो बनाकर सीधे पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह को भेजा। वीडियो में महिला ने खुलासा किया कि पति न केवल नशा बेच रहा था, बल्कि कॉलेज और हॉस्टल में रहने वाली छात्रा-छात्रों तक भी सप्लाई कर रहा था। इस घटना ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लसुड़िया थाना क्षेत्र में वर्षों से यह कारोबार फल-फूल रहा था, लेकिन थाने के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। महिला ने बताया कि उसने घरेलू जुल्म सहे, सिर पर चोट भी खाई, लेकिन बच्चों और शहर के युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए पीछे नहीं हटी। उसकी निडर आवाज ने नशे के इस काले धंधे को उजागर कर दिया।वीडियो प्राप्त होते ही पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया और कार्रवाई के निर्देश दिए। रातों-रात पुलिस टीम ने आरोपी के घर से गांजा और स्मैक जब्त किया तथा उसे गिरफ्तार कर लिया। कमिश्नर की इस त्वरित प्रतिक्रिया ने साबित कर दिया कि मजबूत नेतृत्व से न्याय में देरी नहीं होती।यह घटना न केवल एक मां की बहादुरी की मिसाल है, बल्कि पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही की भी जरूरत को रेखांकित करती है। अब सवाल यह है कि स्थानीय थाने स्तर पर ऐसी गतिविधियों पर नजर क्यों नहीं रखी गई? क्या यह नाकामी है या लापरवाही? समाज को ऐसे जांबाज व्यक्तियों और सजग अधिकारियों की ही आवश्यकता है, जो नशे जैसे सामाजिक नासूर के खिलाफ डटकर मुकाबला करें।नशा मुक्ति के अभियान में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन जमीनी स्तर पर सतर्कता और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग अब और तेज हो गई है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बालाघाट में होगी कृषि कैबिनेट- मुख्यमंत्री अंधेरे अतीत की ओर बुलेट ट्रेन पर सवार