इंदौर, (अंकुल प्रताप सिंह, बघेल / प्रदीप चौधरी ): शहर की सड़कों पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने के नियम सख्त होते जा रहे हैं, लेकिन इससे जुड़े विवाद भी बढ़ रहे हैं। एक तरफ प्रशासन ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ जैसे नियमों से सुरक्षा को बढ़ावा दे रहा है, वहीं मध्यम वर्ग के लोग जुर्माने को अतिरिक्त बोझ बता रहे हैं। हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि बिना हेलमेट दुर्घटनाएं जानलेवा साबित हो रही हैं, लेकिन शहरी इलाकों में हेलमेट से नकाबपोशी अपराध बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। मार्च का महीना नजदीक आते ही चालान अभियान तेज होने से आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन NEET छात्रा की मौत के बाद लड़कियों ने रातो रात खाली की बिल्डिंग,पटना का शंभू गर्ल्स हॉस्टल सील ताकत वतन की हमसे है……….—- वतन के रखवालों को सलाम 1 2