इंदौर, प्रदीप चौधरी। : पश्चिम बंगाल के निलंबित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद की नींव रखने और बाबर के नाम से जुड़े विवादित बयान को लेकर देशभर में विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं। इसी क्रम में इंदौर के संत समाज ने भी तीखा विरोध जताया है। महामंडलेश्वर रामगोपाल दास महाराज ने कड़े शब्दों में इसकी निंदा करते हुए कहा, “बाबर के नाम से पूरे देश में कोई भी व्यक्ति मस्जिद बनाता है या उसके नाम से कोई स्मृति चिन्ह बनाता है, तो वह सनातन धर्म के लोगों को स्वीकार नहीं होगा। क्योंकि बाबर एक आक्रांता था, विधर्मी था। इसके बाद भी भारत में इस प्रकार की स्मृति चिन्ह बनाई जाती है, तो हम उस स्मृति चिन्ह को तोड़ेंगे और उसे तोड़कर सुलभ शौचालय बनाएंगे। हम सब संत जाकर उसे तोड़ देंगे।” महाराज ने आगे कहा कि बाबर जैसे विदेशी आक्रमणकारी के नाम पर किसी धार्मिक या स्मारक स्थल का निर्माण हिंदू भावनाओं को आहत करने वाला है। संत समाज इस मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध करेगा और आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन भी करेगा। गौरतलब है कि हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की शैली में मस्जिद की आधारशिला रखी थी, जिस पर देशभर में राजनीतिक और धार्मिक विवाद छिड़ गया है। कई हिंदू संगठनों और नेताओं ने इसे भड़काऊ करार दिया है, जबकि कुछ स्थानों पर विरोध स्वरूप सार्वजनिक शौचालयों पर ‘बाबर शौचालय’ जैसे पोस्टर लगाए गए हैं। संत समाज के इस बयान से विवाद और गहरा सकता है, क्योंकि यह मुद्दा पहले से ही संवेदनशील है। पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है ताकि किसी तरह की अशांति न फैले। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन भैंस चोरी करने वाला आरोपी पशु बाजार में बेचते हुए गिरफ्तार, 95 हजार की मुर्रा भैंस बरामद वंदे मातरम् पर विवाद गहराया, BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पर साधा निशाना – ‘वोट के लिए मंदिर जाते हो, राष्ट्रगीत गाने से मजहब आड़े आता है?’