डीजीपी ने जारी किए सख्त निर्देश: रात 12 से सुबह 5 बजे तक पुलिस वाहनों की लंबी यात्रा पर रोक भोपाल/सागर | 10 दिसंबर 2025 मध्यप्रदेश के सागर जिले में मंगलवार देर रात हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है। बालाघाट से नक्सल-विरोधी ड्यूटी करके मुरैना लौट रही बीडीडीएस (बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड) की बस की ट्रक से आमने-सामने की टक्कर में चार पुलिस आरक्षक मौके पर ही शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल जवान को तुरंत एयर एम्बुलेंस से दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक जवानों के नाम अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार सभी जवान मुरैना जिले की बीडीडीएस यूनिट के थे। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने तत्काल प्रभाव से पूरे प्रदेश में देर रात पुलिस वाहनों के संचालन पर सख्त पाबंदी लगा दी है। आज (10 दिसंबर) जारी अपने आदेश क्रमांक सी-433/2025 में डीजीपी ने लिखा है: रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक किसी भी पुलिस वाहन को लंबी दूरी की यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। अपवाद केवल रात्रि गश्त, थाना चेकिंग, अपराध स्थल पर तुरंत पहुंचना, कानून-व्यवस्था की आपात स्थिति या अचानक वीवीआईपी मूवमेंट के मामले में ही लागू होंगे। लंबी दूरी की यात्रा में रास्ते में पड़ने वाली पुलिस इकाइयों में चालक को पर्याप्त विश्राम कराना अनिवार्य होगा। वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक का स्वास्थ्य और लाइसेंस हर बार चेक किया जाए। डीजीपी ने स्पष्ट कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में रात के समय लंबी यात्रा के दौरान चालकों की थकान के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जवानों की सुरक्षा से बड़ा कोई कर्तव्य नहीं है। आदेश की प्रति प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, विसबल सेनानियों, रेल पुलिस और प्रशिक्षण संस्थानों को भेज दी गई है। सभी इकाइयों के रक्षित निरीक्षकों, डीसीआर प्रभारियों और सूबेदार मेजर को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा गया है। पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “जवानों की जान अनमोल है। ड्यूटी के नाम पर उनकी जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। अब से कोई भी कमांडिंग ऑफिसर बिना ठोस वजह के रात में फोर्स मूवमेंट नहीं कर सकेगा।” यह हादसा एक बार फिर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में रोड एक्सीडेंट में 20 से अधिक पुलिसकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। मध्यप्रदेश पुलिस अब इस दिशा में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने जा रही है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मध्यप्रदेश कांग्रेस में बड़े पैमाने पर नई नियुक्तियां: 100 से अधिक पदाधिकारियों की सूची जारी एमवायएच अस्पताल में टॉर्च की रोशनी में इलाज, वायरल वीडियो ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल