रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच में मिली 15 वर्षीय बालिका, वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग से हुई पहचानउज्जैन, 19 सितंबर 2026। जीआरपी उज्जैन की तत्परता और संवेदनशील कार्यप्रणाली के चलते उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से लापता 15 वर्षीय मूकबधिर बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचा दिया गया। बालिका की पहचान गोपनीय रखने के लिए नाम परिवर्तित किया गया है।जानकारी के अनुसार, 8 सितंबर को ट्रेन क्रमांक 12466 रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रहे एक यात्री ने जीआरपी को सूचना दी कि एक नाबालिग मूकबधिर बालिका ट्रेन में अकेली और असंरक्षित अवस्था में बैठी है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जीआरपी उज्जैन की टीम ने ट्रेन के उज्जैन स्टेशन पहुंचने पर बालिका को सुरक्षित उतारकर थाने लाया।महिला पुलिसकर्मियों ने बालिका से संवेदनशीलता के साथ जानकारी लेने का प्रयास किया। बालिका केवल अपना नाम लिखकर बता सकी और घर व परिजनों के संबंध में जानकारी नहीं दे पा रही थी।काउंसलिंग से मिली महत्वपूर्ण जानकारीबालिका की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीआरपी ने आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे उज्जैन स्थित वन स्टॉप सेंटर में दाखिल कराया। जीआरपी द्वारा लगातार उसके परिजनों की तलाश की जाती रही। वन स्टॉप सेंटर में हुई काउंसलिंग के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पता चला कि थाना नगरा, जिला बलिया में बालिका के संबंध में धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज है।इसके बाद कंट्रोल रूम की मदद से नगरा पुलिस से संपर्क कर परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर परिजन उज्जैन पहुंचे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जीआरपी ने बालिका को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।बालिका के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने जीआरपी उज्जैन की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।इनकी रही सराहनीय भूमिकाबालिका को परिवार तक पहुंचाने में थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता, महिला आरक्षक मोनिका श्रीवास्तव, महिला आरक्षक शिल्पा मोगिया सहित जीआरपी स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन UPI पर MDR शुल्क से व्यापारियों में उबाल 13.82 ग्राम एमडी ड्रग्स मामले में सप्लायर गिरफ्तार