इंदौर। प्रदीप चौधरी। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा यशवंतराव होल्कर (एमवायएच) अस्पताल में बिजली कटौती के दौरान डॉक्टरों द्वारा मोबाइल टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में ओपीडी में अंधेरा छाया हुआ है और डॉक्टर गरीब मरीजों, खासकर महिलाओं का इलाज मोबाइल की फ्लैशलाइट और मोमबत्ती की मदद से करते दिख रहे हैं। वीडियो बुधवार का बताया जा रहा है। इसमें मरीज और उनके परिजन परेशान नजर आ रहे हैं। वीडियो बनाने वाले शख्स का दावा है कि शिकायत के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिससे अन्य मरीजों को भी दिक्कत हुई। वायरल वीडियो के बाद लोगों में आक्रोश है और बैकअप सिस्टम की कमी पर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल अधीक्षक अशोक यादव ने वीडियो को सही बताया, लेकिन इसे मामूली घटना करार दिया। उन्होंने कहा, “यह बुधवार सुबह की घटना है। कैंसर अस्पताल ब्लॉक में एमपीईबी के तकनीकी कार्य के कारण कुछ मिनटों के लिए बिजली कटौती हुई थी। मुख्य सप्लाई चालू थी, सिर्फ थोड़े समय का ब्लॉक था। इसके बाद बिजली तुरंत बहाल हो गई। इलाज में कोई रुकावट नहीं आई।” हालांकि अधीक्षक का यह बयान लोगों को संतुष्ट नहीं कर पाया। सोशल मीडिया पर यूजर्स पूछ रहे हैं कि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में कुछ मिनट की कटौती के लिए भी जेनरेटर या इन्वर्टर जैसा बैकअप क्यों नहीं है? क्या मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है? गौरतलब है कि एमवायएच अस्पताल पहले भी कई विवादों में घिर चुका है। लापरवाही, संसाधनों की कमी और अन्य घटनाओं से जुड़े वीडियो पहले भी वायरल हो चुके हैं। इस ताजा मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर से उंगली उठाई है। मरीजों और आम लोगों की मांग है कि घटना की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मध्यप्रदेश पुलिस की चार जवानों की दर्दनाक मौत से सबक पितृसत्ता में कैद आरएसएस