नई दिल्ली, प्रदीप चौधरी। जाड़े का मौसम जहां खूब खाने-पीने और सेहत बढ़ाने का अवसर लेकर आता है, वहीं ठंडक, सुस्ती और आलस्य भी साथ लाता है। इस मौसम में शरीर का तापमान कम हो जाता है, रक्त प्रवाह धीमा पड़ता है और पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है। ऐसे में योगासन, प्राणायाम और मुद्राओं का नियमित अभ्यास शरीर को ऊर्जावान, गरमाहट भरा और स्वस्थ बनाए रखने में कारगर साबित होता है। हिमालय सिद्ध अक्षर ने अरुण कुमार को बताया कि योग की इन विधाओं से सर्दियों में स्वास्थ्य को मजबूत बनाया जा सकता है। View this post on Instagram ऊर्जावान बनाने वाले योगासन सर्दियों में योगासन शरीर को लचीला, चुस्त और ऊर्जावान बनाते हैं। विशेष रूप से निम्नलिखित आसन लाभकारी हैं: सूर्य नमस्कार: यह शरीर के हर भाग को सक्रिय करता है, रक्त प्रवाह बढ़ाता है और गरमाहट प्रदान करता है। स्कूलों में सुबह के समय इसका अभ्यास छात्रों को ऊर्जावान बना सकता है। त्रिकोणासन: शरीर की जकड़न दूर करता है, मांसपेशियों को फैलाता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। भुजंगासन: रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है, छाती फैलाता है और फेफड़ों को सक्रिय रखता है। सांस संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए उपयोगी। उष्ट्रासन: लचीलापन बढ़ाता है, ऊर्जा का संचार करता है, पाचन सुधारता है और आलस्य दूर करता है। सेतु बंधासन: कमर को लचीला बनाता है, दर्द और थकान कम करता है। आज के किशोर जो मोबाइल और वीडियो गेम तक सीमित हैं, उनके लिए ये आसन विशेष रूप से फायदेमंद हैं। विद्यालयों में प्रार्थना सभा के बाद 15-20 मिनट का अभ्यास कराया जाए तो छात्र ताउम्र स्वस्थ रह सकते हैं। आसनों के दौरान सांस पर ध्यान देने से मन शांत रहता है। उपयोगी प्राणायाम प्राणायाम सांसों का नियमन करता है, ऑक्सीजन प्रवाह बढ़ाता है और शरीर में ऊर्जा व गरमाहट लाता है। सर्दियों में ये प्राणायाम विशेष रूप से उपयोगी हैं: कपालभाति प्राणायाम: मस्तिष्क को ऊर्जावान बनाता है, रक्त प्रवाह सुधारता है और सुस्ती दूर करता है। सुबह खाली पेट 2-3 मिनट अभ्यास करें। अनुलोम-विलोम प्राणायाम: सांसों और तापमान को संतुलित करता है, श्वसन तंत्र मजबूत करता है और मन शांत रखता है। भस्त्रिका प्राणायाम: शरीर में ऊष्मा पैदा करता है, ऑक्सीजन बढ़ाता है। स्कूलों में योग सत्र या मध्यांतर में करवाएं तो बच्चों की एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी। सर्दियों में जरूरी मुद्राएं मुद्राएं ऊर्जा नियंत्रित करती हैं और मानसिक संतुलन बनाए रखती हैं: प्राण मुद्रा: जीवनी शक्ति बढ़ाती है, हाथ-पैरों की ठंडक कम करती है। सूर्य मुद्रा: पाचन शक्ति बढ़ाती है, गरमाहट लाती है और थकान दूर करती है। ज्ञान मुद्रा: ध्यान शक्ति बढ़ाती है, मन स्थिर करती है। इन मुद्राओं का 10-15 मिनट अभ्यास शांत बैठकर करें, विशेषकर हल्की धूप में लाभ अधिक होगा। आहार और दिनचर्या का महत्व योग जीवन शैली है, इसलिए सर्दियों में खानपान और दिनचर्या पर ध्यान दें: गर्म, ताजा पौष्टिक भोजन लें जैसे दलिया, सूप, मूंग दाल, तिल, गुड़, मेवे और मौसमी सब्जियां। ठंडे पेय, बर्फ या जंक फूड से बचें। सुबह जल्दी उठकर धूप सेंकें, विटामिन डी मिलेगा। पर्याप्त नींद और विश्राम लें। दिनभर पानी और हर्बल चाय पिएं। नियमित योग, प्राणायाम, मुद्राओं और संतुलित आहार से सर्दियों को स्वास्थ्यवर्धक बनाएं। डॉक्टर की जरूरत नहीं पड़ेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में योग को शामिल कर बच्चों का भविष्य स्वस्थ बनाया जा सकता है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन वी वन हॉस्पिटल द्वारा सड़क पर अवैध कब्जा और पार्किंग से आमजन को हो रही गंभीर परेशानी इस प्रतिकूल समय में साम्राज्यवाद