नई दिल्ली ।।दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुआ कार बम धमाका कोई साधारण घटना नहीं था। यह जैश-ए-मोहम्मद के एक नए और खतरनाक मॉड्यूल की पहली झलक थी — जिसमें डॉक्टर, मेडिकल स्टूडेंट और मौलवी शामिल थे। जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। View this post on Instagram 1. सेशन ऐप: बातचीत का ‘अदृश्य पुल’ आतंकियों ने ‘सेशन’ नाम का एक खास मैसेंजर ऐप इस्तेमाल किया। इसमें नंबर या ईमेल की जरूरत नहीं। चैट का कोई रिकॉर्ड नहीं बचता। न तो नाम, न फोन, न लोकेशन — कुछ भी ट्रेस नहीं होता। डॉक्टर मुजम्मिल ने कबूला: “पहले व्हाट्सएप पर +90 (तुर्की) नंबर से बात होती थी। फिर हैंडलर ‘अबू उकसा’ ने कहा — सेशन पर आ जाओ, कोई पकड़ नहीं पाएगा।” 2. तुर्की: पाकिस्तान का ‘सुरक्षित कवर’ 2022 में डॉक्टर मुजम्मिल और डॉक्टर उमर तुर्की गए। वहां जैश के हैंडलरों से मिले। क्यों तुर्की? क्योंकि पाकिस्तान का नाम न आए। हैंडलर तुर्की का वर्चुअल नंबर इस्तेमाल करता था। भारतीय एजेंसियों को शक न हो, इसलिए पूरा प्लान तुर्की के इर्द-गिर्द बुना गया। 3. टेलीग्राम ग्रुप: जहरीला प्रचार ये लोग दो टेलीग्राम ग्रुपों से जुड़े थे: उमर बिन खत्ताब फर्जंदान-ए-दारुल उलूम इनमें: मौलाना मसूद अजहर के पुराने भाषण जिहाद की अपील आतंक समर्थक पोस्ट ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का बदला लेने की बातें इन ग्रुपों ने युवाओं को कट्टर बनाया। कश्मीर के मौलवी इरफान वागाह ने डॉक्टरों को जोड़ा। 4. डॉक्टरों का नेटवर्क डॉक्टर उमर — फरीदाबाद में प्रोफेसर डॉक्टर मुजम्मिल — अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सीनियर डॉक्टर आदिल — सहारनपुर में प्रैक्टिस डॉक्टर शाहीन — लखनऊ, महिलाओं की भर्ती ये पढ़े-लिखे लोग थे। नौकरी करते थे। कोई शक नहीं करता था। 5. धमाके की तैयारी फरीदाबाद में विस्फोटक खरीदा 20 लाख रुपये जुटाए कोडवर्ड: “शिपमेंट आ गया” यानी बम तैयार ये कोई साधारण आतंकी नहीं थे। ये पढ़े-लिखे, नौकरी करने वाले, ‘सफेदपोश’ आतंकी थे।सेशन ऐप, तुर्की कनेक्शन, टेलीग्राम ग्रुप — सब कुछ नया और खतरनाक। सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे देश में ऐसे ‘स्लीपर सेल’ की तलाश कर रही हैं।सवाल यह है:अगला धमाका कहां होगा? Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: पारिवारिक संपत्ति विवादों में हिस्सा छोड़ना तुरंत प्रभावी, बिना रजिस्ट्री वाला समझौता भी वैध इंदौर: नारकोटिक्स टीम की कार्रवाई, 19 ग्राम ब्राउनशुगर के साथ युवक गिरफ्तार