उज्जैन के वसीम हाजी ने ‘वक्फ बोर्ड के सदर’ बनकर करोड़ों लूटे, बोला- ‘संघ वालों ने रुकवा दिया साहब का हॉस्पिटल’; पुलिस के हाथ लगे दो सनसनीखेज ऑडियो, जांच जारी उज्जैन, 19 अक्टूबर 2025: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में वक्फ बोर्ड के नाम पर एक बड़ा लोन घोटाला सामने आया है। मुख्य आरोपी हाजी वसीम उर्फ वसीम हाजी ने खुद को मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का ‘सदर’ (अध्यक्ष) बताकर दर्जनों लोगों को RBI के बड़े अधिकारियों से कथित पहचान का झांसा देकर ठगा। दो साल में उसने पीड़ितों से 1 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। वसीम ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी करीबी का दावा किया और पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि ‘साहब का हॉस्पिटल’ बनाने के लिए लोन में कोई दिक्कत नहीं। लेकिन जब पीड़ितों ने सवाल किए, तो बहाना बनाया कि ‘संघ वालों ने रुकवा दिया’। उज्जैन पुलिस ने वसीम समेत उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह के पास से दो सनसनीखेज ऑडियो बरामद हुए हैं, जिनमें वसीम पीड़ितों को धमकाते और झूठे वादे करते सुनाई दे रहा है। मामला दर्ज कर जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, वसीम लक्कड़गंज इलाके का निवासी है और वह वक्फ बोर्ड का फर्जी लेटर दिखाकर लोगों को लुभाता था। लेटर में उसका नाम ‘सदर’ और साथियों को ‘सेक्रेटरी’ व ‘खजांची’ बताया गया था। वह वक्फ की जमीन लीज पर दिलाने का भी वादा करता। ठगी का मुख्य तरीका RBI लोन था। वसीम दावा करता कि भोपाल व दिल्ली में उसके RBI के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संबंध हैं। थोड़े खर्च पर 1 करोड़ तक का लोन पक्का हो जाएगा। लेकिन पैसे वसूलने के बाद न फाइल आगे बढ़ी, न राशि लौटी। पीड़ितों से खाली स्टांप पेपर, चेकबुक, आधार-पैन जैसे दस्तावेज ले लिए जाते, जिनका इस्तेमाल अन्य बैंकों से पीड़ितों के नाम पर लोन लेने में किया गया। अब पीड़ित किस्तें चुकाने को मजबूर हैं। View this post on Instagram पीड़ितों की आपबीती: अंतहीन वसूली का सिलसिला आबिद (फरियादी): घर बनाने के लिए लोन चाहिए था। वसीम ने RBI अधिकारियों से पहचान का हवाला देकर भरोसा जीता। दो साल में प्रोसेसिंग फीस, मीटिंग खर्च व चाय-पानी के नाम पर 25 लाख रुपये से अधिक वसूल लिए। आनाकानी पर फर्जी फोटो भेजीं, जिसमें RBI अफसर प्लॉट साइट पर दिखाए गए। आखिर में पत्नी की सोने की ज्वेलरी भी ले ली। न लोन मिला, न गहने लौटे। अमरीन बानो (मोचीवाड़ा निवासी): पुराना घर तोड़ नया बनाने के लिए 15 लाख लोन का वादा। नगर निगम नेता के जरिए संपर्क हुआ। 5 लाख 75 हजार रुपये जमा पूंजी देकर हाथ खाली। वही पुरानी कहानी- न लोन, न रिफंड। मोहम्मद आजम कुरैशी (मसालों का व्यापारी): बिजनेस बढ़ाने के लिए 20 लाख लोन। वसीम ने किस्तों में पैसे ले लिए। पूछताछ पर बहाना- ‘लोन पास हो गया, दिल्ली से कैश आने वाला। तिजोरी व अटैची रख लो।’ आजम ने तिजोरी रखी, लेकिन वह आज तक खाली पड़ी है। वसीम ने ठगी के नए-नए तरीके अपनाए। एक पीड़ित को फर्जी प्लॉट बोर्ड वाली तस्वीरें भेजीं और दबाव बनाया। जब पैसे रुक गए, तो ‘अफसरों को गिफ्ट’ के नाम पर सोना मांगा। पुलिस को मिले ऑडियो में वसीम पीड़ितों को धमकाते सुनाई देते हैं- ‘साहब से बात हो गई है, बस थोड़ा इंतजार। संघ वाले बीच में आ गए, वरना काम बन जाता।’ एक ऑडियो में वह CM मोहन यादव का हॉस्पिटल प्रोजेक्ट का जिक्र करता है, जिसे कथित तौर पर ‘संघ वालों’ ने रुकवा दिया। पुलिस कार्रवाई: गिरफ्तारी व बरामदगी उज्जैन कोतवाली पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर केस दर्ज किया। वसीम हाजी, उसके भाई वसीम अहमद, साथी शेख रफीक व मुबारक हुसैन को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से फर्जी वक्फ लेटर, दस्तावेज, मोबाइल फोन व ऑडियो रिकॉर्डिंग्स जब्त हुईं। SP उज्जैन आशीष हमराव ने बताया, ‘यह अंतरराज्यीय गिरोह लगता है। दिल्ली व भोपाल कनेक्शन की जांच हो रही है। RBI व वक्फ बोर्ड से भी संपर्क किया गया है।’ पीड़ितों की संख्या 20 से अधिक हो चुकी है। पुलिस अन्य संभावित शिकारों से अपील कर रही है कि आगे आएं। ये घटना वित्तीय जागरूकता की कमी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि RBI लोन के नाम पर ऐसी ठगियां आम हैं। पीड़ितों को सलाह दी जा रही है कि सरकारी पोर्टल से ही आवेदन करें। मामला साइबर सेल को सौंपा गया है, जहां डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच तेज है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन खरगोन में वारंटी पकड़ने गए अशोकनगर के सब इंस्पेक्टर ने लगाई फांसी, पुलिस जांच में जुटी इंदौर: ससुराल वालों के हमले से डरी महिला बच्चे संग कमरे में बंद, मदद की लगाती रही गुहार; एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने खुद की बातचीत कर दिलाया भरोसा, पुलिस FRP टीम ने दरवाजा तोड़कर बचाया