इंदौर, प्रदीप चौधरी। : दूसरी जानकारी इंदौर: महिला का ससुराल वालों से मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में खुला पारिवारिक विवाद का राज इंदौर, 19 अक्टूबर 2025: इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के शांति निकेतन इलाके में एक महिला का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया। वीडियो में महिला ने दावा किया कि वह अपने बच्चे के साथ कमरे में बंद है और ससुराल वाले बाहर मारपीट के लिए खड़े हैं। मदद की गुहार लगाते इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंची। महिला पुलिस कर्मियों ने बातचीत कर कमरा खुलवाया और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। महिला का ससुराल वालों से कोई हमला नहीं हुआ था, बल्कि उसका पति के साथ पुराना पारिवारिक विवाद चल रहा है। महिला ने खुद को कमरे में बंद कर वीडियो बनाया और उसे वायरल कर दिया। जांच में पता चला कि वह काफी समय से गाजियाबाद में रह रही थी और अचानक इंदौर आई थी। लसूड़िया थाने में पहले से ही महिला के खिलाफ एक केस दर्ज है, जबकि उसने गाजियाबाद में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को मौके पर न तो कमरा बाहर से बंद मिला, न ही ससुराल वाले वहां मौजूद थे। लसूड़िया थाना प्रभारी ने बताया कि यह पारिवारिक विवाद का मामला है। महिला और उसके पति की काउंसलिंग शुरू की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वीडियो में किए गए दावों में सच्चाई नहीं पाई गई। मामले की गहन जांच जारी है। View this post on Instagram पहली जानकारी.= मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला को उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर घरेलू विवाद के चलते बुरी तरह पीटा और बच्चे के साथ कमरे में बंद कर दिया। महिला ने घंटों तक मदद की गुहार लगाई, जिसकी जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एडिशनल डीसीपी (क्राइम) राजेश दंडोतिया ने खुद फोन पर महिला से बात की और उन्हें पुलिस पर भरोसा दिलाया। इसके बाद फील्ड रेस्क्यू पार्टी (FRP) टीम ने बंद कमरे का दरवाजा खुलवा कर महिला और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। पीड़िता को प्राथमिक उपचार के बाद उसके मायके वालों के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने ससुराल पक्ष के खिलाफ मारपीट और उत्पीड़न का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, घटना इंदौर के एक प्रमुख इलाके में शनिवार रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है। पीड़िता (नाम गोपनीय) की शादी को करीब 5 साल हो चुके हैं और वह अपने पति व ससुराल वालों के साथ इंदौर में ही रहती थी। घरेलू झगड़े के दौरान सास, ससुर और पति ने महिला पर हमला बोल दिया। विरोध करने पर उन्हें लोहे की रॉड और चप्पलों से पीटा गया। डर के मारे महिला ने अपने 3 साल के बच्चे को गोद में लिया और बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। बाहर से ससुराल वाले धमकियां देते रहे, जिससे महिला की चीखें सुनाई देने लगीं। महिला ने मोबाइल से डायल 100 पर कॉल की और रो-रोकर मदद की पुकार लगाई। कॉल सेंटर से सूचना मिलते ही सायाजी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ससुराल वालों ने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया को सूचना दी गई, जो तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। दंडोतिया ने फोन पर महिला से सीधे बात की और कहा, “बहन, डरो मत। हम यहां हैं, सब ठीक हो जाएगा। थोड़ा धैर्य रखो, हम तुम्हें बाहर निकाल लेंगे।” उनकी बातों से महिला को हौसला मिला और उसने पुलिस को अंदर आने की इजाजत दी। दंडोतिया ने बताया, “महिला बेहद डरी हुई थी। बच्चा भी रो रहा था। हमने FRP टीम बुलाई, जो विशेष रूप से ऐसी संवेदनशील स्थितियों के लिए प्रशिक्षित है। टीम ने दरवाजा तोड़ने से पहले ससुराल वालों को चेतावनी दी, लेकिन वे नहीं माने। आखिरकार दरवाजा तोड़कर महिला-बच्चे को बाहर निकाला गया। महिला के शरीर पर कई चोटें हैं, लेकिन जान को कोई खतरा नहीं।” पीड़िता ने शिकायत में सास, ससुर, पति और एक देवर पर मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और बच्चे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का आरोप लगाया है। प्रारंभिक पूछताछ में ससुराल पक्ष ने इसे पारिवारिक झगड़ा बताया, लेकिन पुलिस केस को गंभीरता से ले रही है। महिला ने पुलिस को बताया, “विवाह के बाद से ही दहेज की मांग चल रही थी। छोटी-छोटी बातों पर मारपीट होती थी। आज रात विवाद इतना बढ़ गया कि वे मुझे और बच्चे को मार डालने पर उतारू हो गए। कमरे में बंद होने के बाद मैंने सोचा कि अब सब खत्म हो गया। लेकिन पुलिस भगवान की तरह आई।” उसके मायके वाले भी इंदौर पहुंच चुके हैं और बेटी को लेकर वापस जाने की तैयारी में हैं। महिला ने पति के खिलाफ तलाक की भी बात कही है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: महिला सुरक्षा पर जोर डायल 100 का रोल: कॉल सेंटर ने 10 मिनट के अंदर टीम डिस्पैच की। एडिशनल डीसीपी की पहल: दंडोतिया ने न केवल बात की, बल्कि ससुराल वालों को मौके पर ही धमकाया और समझाया। FRP टीम का इस्तेमाल: दरवाजा तोड़ने के बाद भी कोई हिंसा नहीं हुई, टीम ने शांतिपूर्ण रेस्क्यू सुनिश्चित किया। केस दर्ज: IPC की धारा 323 (मारपीट), 506 (धमकी) और महिला संरक्षण कानून के तहत मुकदमा। आरोपी फरार, तलाश जारी। यह घटना इंदौर में महिलाओं पर बढ़ते घरेलू हिंसा के मामलों को उजागर करती है। पिछले एक साल में शहर में 200 से अधिक ऐसी शिकायतें दर्ज हुई हैं। पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज करने का ऐलान किया है। SP इंदौर ने कहा, “ऐसी घटनाओं में जीरो टॉलरेंस। पीड़ित महिलाएं बिना डरे शिकायत करें, हम 24×7 साथ हैं।” Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सीएम मोहन यादव और RBI से करीबी बताकर ठगी: सूटकेस में अवैध शराब तस्करी करने वाला गिरफ्तार, 71 बोतलें जब्त