बालाघाट–बालाघाट नगर के ह्रदयतल में स्थित शासकीय देवी तालाब जो वर्षो से प्रदुषण एवं अतिक्रमण का दंश झेल रहा है l जिला प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद बालाघाट की अनदेखी के कारण शासकीय देवी तालाब में लगातार प्रदुषण का स्तर बढ़ रहा है वहाँ पानी की गुणवत्ता लगातार ख़राब हो रही है और अतिक्रमण कर निर्माण करने के कारण लगातार तालाब का जलीय क्षेत्र कम होते जा रहा है। देवी तालाब के संरक्षण के लिए एनजीटी में दायर याचिका- बालाघाट नगर में स्थित शासकीय देवी तालाब की जिला प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद बालाघाट की लगातार अनदेखी के कारण हो रही बदहाली को देखते हुए देवी तालाब को प्रदुषण एवं अतिक्रमण मुक्त कर पुनर्स्थापित किये जाने के लिए बालाघाट शहर के जागरूक नागरिक द्वारकानाथ चौधरी एवं प्रदीप परांजपे के द्वारा राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण भोपाल के समक्ष याचिका क्रमांक OA/130/2025(CZ) “द्वारका नाथ चौधरी व अन्य बनाम मध्यप्रदेश राज्य व अन्य” प्रस्तुत की गई है lएनजीटी द्वारा गठित किया गया उच्च स्तरीय जांच दलएनजीटी भोपाल द्वारा याचिका क्रमांक OA/130/2025(CZ) द्वारका नाथ चौधरी व अन्य बनाम मध्यप्रदेश राज्य व अन्य” में दिनांक 23.09.2025 को आदेश जारी उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय दल का गठन किया गया है जिसमे कलेक्टर बालाघाट का एक प्रतिनिधि, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन का एक प्रतिनिधि तथा तथा राज्य प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव का एक प्रतिनिधि होगा l जो शासकीय देवी तालाब का मौके पर निरिक्षण एवं जांच करने के उपरांत एनजीटी को 6 सप्ताह के भीतर जाँच प्रतिवेदन सौपेगा,उक्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार एनजीटी अपने अग्रिम आदेश जारी करेगा। एनजीटी द्वारा कलेक्टर बालाघाट को जारी आदेश- एनजीटी भोपाल के द्वारा अपने इस आदेश में कलेक्टर बालाघाट को निर्देशित किया गया है कि कलेक्टर बालाघाट शासकीय देवी तालाब का मौके पर सीमांकन करे एवं अनुपचारित पानी को तालाब में मिलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाये तथा तालाब के सभी अतिक्रमण तो तत्काल हटाये और कलेक्टर बालाघाट द्वारा एनजीटी के आदेश के परिपालन में की गई कार्यवाही से 4 सप्ताह में एनजीटी को अवगत करावें। कलेक्टर उच्च न्यायालय को दे रहे नहीं जवाब- तत्कालीन बालाघाट तहसीलदार रामबाबू देवांगन द्वारा एक शिकायत पर की जांच के आधार पर देवी तालाब को राजस्व अभिलेखों में मध्यप्रदेश शासन की संपत्ति के रूप में दर्ज करने के लिए वर्ष 2020 में कलेक्टर बालाघाट को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था किन्तु कलेक्टर बालाघाट के द्वारा देवी तालाब की भूमि के सम्बन्ध में राजस्व अभिलेखों में संशोधन नहीं किया गया है l तत्कालीन तहसीलदार की उक्त जांच के आधार पर उच्च न्यायालय जबलपुर में जनहित याचिका क्रमांक WP/22409/2024 “द्वारका नाथ चौधरी व अन्य बनाम मध्यप्रदेश शासन व अन्य” प्रस्तुत की गई है l उक्त याचिका में उच्च न्यायालय के द्वारा दिनांक 21.08.2024 को आदेश जारी करते हुए कलेक्टर बालाघाट से जवाब माँगा गया है किन्तु कलेक्टर बालाघाट के द्वारा उच्च न्यायालय से आदेश जारी होने के 13 महीने बीत जाने के बाद जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है l धनाड्यों का अतिक्रमण- बालाघाट नगर के ह्रदयतल में स्थित शासकीय देवी तालाब शहर के मध्य मुख्य बाजार में स्थित होने के कारण यहाँ की जमीन के मूल्य अत्यधिक ज्यादा है जिसके कारण कई लोगो की नजर यहाँ की भूमि पर रहती है इसी के कारण शासकीय देवी तालाब की भूमि पर शहर के धनाड्य लोगो ने अवैध कब्जा और अतिक्रमण कर व्यावसायिक प्रतिष्ठान निर्मित कर रखा है l कई अतिक्रमणकारियों के तो राष्ट्रीय पार्टियों से सम्बन्ध भी है जिसके कारण इन पर कार्यवाही कर से जिला प्रशासन के भी हाथ-पैर फूलते है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मदरसे के बाथरूम में बंद थी 40 नाबालिग लड़कियां :अल्पसंख्यक कल्याण विभाग करेगा जांच, एसडीएम ने ईडी को भी लिखा पत्र पंडित दीनदयाल जयंती के अवसर जिला एथलीट संघ रीवा द्वारा किया गया मैराथन का आयोजन