इंदौर, आमिर खान– इंदौर शहर में बढ़ते अपराध को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने दिल्ली और मुंबई की तर्ज पर एक नया कदम उठाया है। शहर के दो प्रमुख थाना क्षेत्रों, विजय नगर और लसुड़िया, में पहली बार एक मुख्य थाना प्रभारी (टीआई) के साथ-साथ एक सहायक थाना प्रभारी (टू आईसी) की नियुक्ति की गई है। यह मध्य प्रदेश में अपनी तरह का पहला प्रयोग है, जिसका मकसद पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाना और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण करना है। अमित सिंह , एडिशनल पुलिस कमिश्नर क्यों जरूरी हुआ यह कदम?विजय नगर और लसुड़िया थाना क्षेत्रों में अपराध की दर लगातार बढ़ रही है। ये दोनों क्षेत्र बड़े और व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, जहां चोरी, छेड़छाड़, और अन्य अपराधों की संख्या सालाना आधार पर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। एक अकेला थाना प्रभारी 24 घंटे सक्रिय रहकर सभी जिम्मेदारियां संभालने में असमर्थ होता है, खासकर जब उसे जांच, मीटिंग्स, और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहना पड़ता है। इस कमी को दूर करने के लिए पुलिस कमिश्नर ने सहायक थाना प्रभारी की नियुक्ति का फैसला लिया, जो मुख्य टीआई की अनुपस्थिति में थाने का प्रभार संभालेगा। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने कहा, “यह व्यवस्था पुलिस की निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करेगी और कार्यकुशलता में सुधार लाएगी। दिल्ली और मुंबई में यह मॉडल सफल रहा है, और हम इंदौर में भी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं।” सहायक थाना प्रभारी जांच, कानून-व्यवस्था, और जनसेवा जैसे कार्यों में मुख्य टीआई की सहायता करेंगे, जिससे थाने का कामकाज निर्बाध चलेगा। नई नियुक्तियां: – विजय नगर थाना: कार्यवाहक निरीक्षक मीना बौरासी को टू आईसी-1 के रूप में नियुक्त किया गया।– लसुड़िया थाना: कार्यवाहक निरीक्षक नीतू सिंह को सहायक थाना प्रभारी बनाया गया। दोनों सहायक अधिकारी महिलाएं हैं, जो पुलिस बल में लैंगिक संतुलन को भी बढ़ावा देगा। मुख्य थाना प्रभारी के पास पूर्ण अधिकार रहेंगे, लेकिन टू आईसी की मौजूदगी से थाने की कार्यक्षमता में इजाफा होगा। यह प्रयोग फिलहाल इन दो थानों तक सीमित है, लेकिन सफल होने पर इसे अन्य थानों में भी लागू किया जा सकता है। व्यापक फेरबदल:इसके साथ ही, पुलिस कमिश्नर ने कई थानों में प्रभारियों के तबादले भी किए हैं:– द्वारकापुरी: मनीष मिश्रा नए टीआई, सुशील पटेल को हीरानगर स्थानांतरित।– छत्रीपुरा: संजीव श्रीवास्तव।– सराफा: राजकुमार लिटोरिया।– पलासिया: सुरेंद्र रघुवंशी।– हीरानगर: पूर्व टीआई पीएल शर्मा और विष्णु वासकले को क्राइम ब्रांच भेजा गया।– सुरक्षा शाखा: नारायण डामोर। ये बदलाव अपराध नियंत्रण और पुलिस की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करने के लिए किए गए हैं। क्या होगा असर?इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के 35 थानों में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। विजय नगर और लसुड़िया में शुरू किया गया यह पायलट प्रोजेक्ट अगर सफल रहा, तो यह पूरे शहर के लिए एक मॉडल बन सकता है। हालांकि, जनता की नजर इस बात पर है कि क्या यह नया सिस्टम अपराध की दर को कम कर पाएगा, या फिर इंदौर की जनता को डर का माहौल झेलना पड़ेगा। पुलिस कमिश्नर का मानना है कि यह प्रयोग न केवल अपराध नियंत्रण में मदद करेगा, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगा। अब यह देखना बाकी है कि यह अनोखा कदम कितना प्रभावी साबित होता है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर के हीरा नगर हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, तीनों आरोपी गिरफ्तार नवरात्रि उत्सव: इंदौर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, गरबा पंडालों पर ड्रोन और CCTV की नजर