प्रदीप चौधरी। इंदौर शहर के चर्चित ट्रैफिक पुलिसकर्मी रणजीत सिंह, जिन्हें ‘डांसिंग कॉप’ के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनकी लोकप्रिय डांसिंग स्टाइल की बजाय एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप कारण बने हैं। महिला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें दावा किया गया है कि रणजीत ने अपनी प्रसिद्धि का फायदा उठाकर उनसे अनुचित मैसेज किए, फ्लाइट टिकट और होटल बुकिंग का लालच दिया। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया है, जिससे इंदौर पुलिस की छवि पर सवाल उठने लगे हैं। बड़ी खबर इंदौर में पदस्थ ट्रैफिक काँस्टेबल रणजीत सिंह को किया गया लाइन अटैच..एक महिला को होटल में रुकने ओर फ्लाइट का टिकिट करवाने का दिया था प्रलोभन … महिला के आरोप: ‘फंसाने की कोशिश’महिला के अनुसार, डेढ़ साल पहले सोशल मीडिया पर रणजीत सिंह ने बातचीत शुरू की। बातें आगे बढ़ने पर उन्होंने अनुचित प्रस्ताव रखे, जैसे यात्रा और ठहरने की व्यवस्था का वादा। महिला ने चैट्स के स्क्रीनशॉट्स के साथ वीडियो बनाकर इसे सार्वजनिक किया। वीडियो में वह भावुक नजर आ रही हैं और कहती हैं कि यह सब उनकी लोकप्रियता का दुरुपयोग है। यह मामला 2025 के सितंबर में फिर से गरमाया, जब पुरानी चैट्स को एडिटेड रूप में शेयर किया गया। सोशल मीडिया पर #DancingCopControversy जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे, जहां हजारों यूजर्स महिला के समर्थन में उतरे। रणजीत सिंह की सफाई: ‘साजिश और एडिटिंग‘रणजीत सिंह ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि यह बदनामी की साजिश है और महिला ने पुरानी चैट्स को तोड़-मरोड़कर पेश किया है। “मैं हमेशा ड्यूटी और ट्रैफिक जागरूकता पर फोकस करता हूं। डांसिंग मेरा स्टाइल है, न कि कोई हथकंडा। महिला पब्लिसिटी के लिए ऐसा कर रही है,” उन्होंने वीडियो में कहा। रणजीत की फैन फॉलोइंग भी कम नहीं है—उनके समर्थक उन्हें ‘सिंघम सर’ कहकर बुलाते हैं और पुरस्कारों (जैसे भारत गौरव अवॉर्ड) से नवाजे जाने का हवाला देते हैं। सोशल मीडिया पर दो फाड़– समर्थन रणजीत का: कई यूजर्स ने इसे ‘फर्जी केस’ बताया, कहते हुए कि महिलाएं अब सोशल मीडिया पर बदनामी का हथियार बना रही हैं। एक पोस्ट में लिखा गया, “डांसिंग कॉप जैसे अफसर समाज के लिए प्रेरणा हैं, ये साजिश बंद होनी चाहिए।”– महिला के पक्ष में: दूसरी ओर, फेमिनिस्ट ग्रुप्स और यूजर्स ने आरोपों को गंभीर माना। “पावरफुल लोग कमजोरों का शोषण करते हैं, जांच होनी चाहिए,” जैसी प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ ने पुराने वीडियोज का जिक्र किया, जहां रणजीत पर ट्रैफिक उल्लंघन के दौरान मारपीट के आरोप लगे थे (2019 का मामला)। View this post on Instagram विभागीय स्तर पर क्या?फिलहाल इंदौर पुलिस या विभाग से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, साइबर सेल ने वीडियो की जांच शुरू करने के संकेत दिए हैं। रणजीत सिंह का ट्रैफिक जागरूकता के जरिए डांसिंग स्टाइल (माइकल जैक्सन इंस्पायर्ड मूनवॉक) लाखों को प्रेरित करता रहा है—उन्हें ‘द कपिल शर्मा शो’ तक बुलाया गया। लेकिन यह विवाद उनकी साफ-सुथरी इमेज को दागदार बना सकता है।अब सवाल यह है कि जांच में क्या निकलता है? क्या यह साजिश साबित होगी या आरोप सही? मामला कोर्ट तक पहुंच सकता है, और तब तक सोशल मीडिया की आग धधकती रहेगी। क्या आपके पास इस पर कोई राय है? View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन खंडवा मस्जिद विवाद: ओवैसी की आलोचना पर विश्व हिंदू परिषद का पलटवार इंदौर-उज्जैन हाईवे पर बाणेश्वरी ट्रेवल्स बस का तांडव: सांवेर के रिंगनोदिया में बाइक सवार परिवार पर कहर, 3 की दर्दनाक मौत, एक बच्चा गंभीर