घटना का विवरण:हरियाणा के भिवानी जिले के सिंहानी गाँव की 19 वर्षीय प्लेस्कूल शिक्षिका मनीषा की 11 अगस्त 2025 को रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या हो गई। वह स्कूल से निकलकर एक नर्सिंग कॉलेज में दाखिले की जानकारी लेने गई थीं। 13 अगस्त को उनका गला रेता हुआ शव एक खेत में मिला। पुलिस ने शुरू में इसे आत्महत्या बताया, लेकिन परिवार और ग्रामीणों ने इसे हत्या करार देते हुए विरोध शुरू किया। सीबीआई जांच:विरोध और परिवार की मांग के बाद, हरियाणा सरकार ने 20 अगस्त 2025 को मामले को सीबीआई को सौंप दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वे स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं। सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है, और तीसरे पोस्टमॉर्टम की फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। अंतिम संस्कार:21 अगस्त 2025 को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मनीषा का अंतिम संस्कार उनके गाँव में हुआ। परिवार ने शुरू में अंतिम संस्कार से इनकार किया था, लेकिन सीबीआई जांच की घोषणा के बाद सहमति दी। मनीषा के छोटे भाई ने चिता को अग्नि दी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकी:लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में हरियाणा पुलिस को चेतावनी दी कि अगर मनीषा को न्याय नहीं मिला, तो वे हत्यारे को मार देंगे। यह पोस्ट लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा स्थित गोल्डी ढिल्लन के नाम से थी, जिसने जांच में नया मोड़ ला दिया। पुलिस पर कार्रवाई:मामले में लापरवाही के आरोपों के बाद भिवानी के एसपी मनीर सिंह को हटा दिया गया और पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। सरकार ने भिवानी और चरखी दादरी में 48 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट और बल्क एसएमएस सेवाएं बंद कर दीं। पोस्टमॉर्टम विवाद:पहले (भिवानी) और तीसरे (AIIMS दिल्ली) पोस्टमॉर्टम में विसंगतियों की बात सामने आई। पुलिस ने कीटनाशक के सेवन से आत्महत्या का दावा किया, लेकिन परिवार और कुछ वकीलों का कहना है कि गले पर चोट के निशान हत्या की ओर इशारा करते हैं। संदिग्ध का नाम:जांच में गोपाल नामक एक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह घटना के बाद तनाव में था और विदेश भागने की योजना बना रहा था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया:कांग्रेस, INLD और आप ने बीजेपी सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया। कांग्रेस नेत्री कुमारी शैलजा ने इसे पुलिस की नाकामी बताया। खाप पंचायतों, छात्रों और किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। सामाजिक कार्यकर्ता कालू कुदाल ने सोशल मीडिया पर मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया। NHRC का नोटिस:राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हरियाणा के डीजीपी को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा है। वर्तमान स्थिति:सीबीआई जांच चल रही है, और परिवार व ग्रामीणों का कहना है कि वे तब तक संतुष्ट नहीं होंगे जब तक हत्यारों को सजा नहीं मिलती। यह मामला हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठा रहा है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मनगवां पुलिस द्वारा अवैध नशीली कफ सिरप के साथ दो आरोपियों को किया गया गिरफ्तार सीरियल किलर रविंद्र कुमार: 7 साल में 30 बच्चियों की हत्या और दरिंदगी की खौफनाक कहानी