उज्जैन, 23 अगस्त 2025: जिला उज्जैन में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़नगर पुलिस ने फरार आरोपी भुरालाल पिता बहादुर सिंह गुर्जर, निवासी ग्राम टकरावदा, को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बड़नगर श्री महेंद्र सिंह परमार के मार्गदर्शन में की गई। दो माह पहले 24 जून 2025 को बड़नगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक तूफान गाड़ी (नंबर MP-45-BB-1096) में अवैध शराब ले जाई जा रही है। पुलिस ने संगम चौराहा बड़नगर पर गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। पीछा करने पर गाड़ी ग्राम अमला के पास नाली में फंस गई। गाड़ी में सवार एक व्यक्ति जंगल की ओर भाग गया, जबकि चालक धर्मेंद्र पिता भरतसिंह भाटी (30 वर्ष, निवासी ग्राम अकोलिया) को पकड़ लिया गया। गाड़ी की तलाशी में 11 पेटी अवैध शराब, जिसमें 4 पेटी देसी प्लेन शराब, 5 पेटी बोल्ट बियर, 1 पेटी लंदन प्राइड व्हिस्की और 1 खुली पेटी में 12 नग मैजिक मोमेंट शामिल थी, जब्त की गई। शराब और गाड़ी की कुल कीमत लगभग 6,43,800 रुपये आंकी गई। धर्मेंद्र ने अपने साथी घनश्याम पिता लक्ष्मण सिंह ढोली (निवासी ग्राम असावता) का नाम बताया। दोनों के खिलाफ धारा 34(2) म.प्र. आबकारी अधिनियम के तहत अपराध क्रमांक 451/2025 दर्ज किया गया। दोनों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका था, लेकिन अन्य आरोपी भुरालाल फरार था। आज 23 अगस्त 2025 को बड़नगर पुलिस ने फरार आरोपी भुरालाल को गिरफ्तार कर लिया और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार पाटीदार, सउनि. जितेंद्र गोसर, प्र.आर. हेमराज खरे, आर. तोलाराम डोडियार और आर. कैलाश गरवाल की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: आवारा कुत्तों के लिए टीकाकरण, नसबंदी और गोद लेने की नीति लागू (22/08/2025) लालकिले से प्रधानमंत्री का वेश धर बोले ‘स्वयंसेवक’ का विभाजनकारी उद्घोष