-मुस्ताअली बोहराअधिवक्ता एवं लेखकभोपाल, मप्र फिर पहले जैसा आबाद हो जाऊंमै भी अशफाक और आजाद हो जाऊंहो जाऊं उधम, राजगुरु और बिस्मिल।वन्दे मातरम की फरियाद हो जाऊंहो मुकम्मल शेर ये वतन के लिएहर मिशरे पे मै इरशाद हो जाऊं।।आला चौहान मुसाफिर की ये पंक्तियां आजादी के इतने बरसों बाद भी मौजूं हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की सैन्य ताकत पूरी दुनिया देखी और इसकी गूंज अभी भी जारी है। आजादी के बाद से लेकर अब तक भारत ने सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक, सैन्य, कृषि, तकनीक, अंतरिक्ष, रक्षा, शिक्षा, चिकित्सा, परिवहन सहित सभी क्षेत्रों ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हिन्दुस्तान दुनिया का ऐसा इकलौता मुल्क हैं जहाँ विभिन्न धर्म, सम्प्रदाय, वर्ग-समूह, भाषा-बोली, कला-संस्कृति, पर्व-अनुष्ठान, वेशभूषा, खान-पान हैं। ऐसे देश के बाशिन्दे होने पर हम फख्र महसूस कर सकते हैं। लेकिन आजादी के इतने बरसों में उपलब्धियों के साथ ही हमने काफी कुछ खोया भी है, सामाजिक सदभाव, साम्प्रदायिक सौहार्दय का हास हुआ है, अपराध बढ़े हैं, धर्म में राजनीति और राजनीति में धर्म का घालमेल हद से ज्यादा हो गया है। बेरोजगार शिक्षित युवाओं का एक वर्ग अवसाद और निराशा से गुजर रहा है। स्कूली विद्यार्थी से लेकर किसान तक और बेरोजगार युवा से लेकर कारोबारी और सरकारी कर्मचारी तक आत्महत्या कर रहे हैं। भ्रष्टाचार, बलात्कार, माॅब लीचिंग और सामूहिक हिंसा जैसे नासूर अभी भी कायम हैं। देश के कई इलाकों में आज भी हजारों लोग झुग्गियों में जीवन बसर करने के लिए विवश हैं, कई गांवों में आज भी साफ पेयजल मययसर नहीं है। आज भी देश में प्रदूषित पानी पीने से पनपने वाली कई बीमारियों से होने वाली मौतों की संख्या कम नहीं है। आज हम तकनीकी रूप से सुदृढ़ हुए हैं बावजूद इसके युवा बेरोजगारी की दर साल दर साल बढ़ रही है, माकूल चिकित्सा के अभाव में लोगों की जान जा रही है, आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी छोटे शहरों में उच्च शिक्षा संस्थान का अभाव है, एमबीए और इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद भी युवाओं को नौकरी नहीं मिल पा रही है। कुल मिलाकर, अभी तक बहुत कुछ हो चुका है और बहुत कुछ होना बाकी है। अहम सवाल ये है कि अपने देश की तरक्की की राह में हमारी भागीदारी-हमारी जिम्मेदारी कितनी है…..? खैर, तमाम विसंगतियों के बावजूद जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो खुद को आज आत्मनिर्भर, शक्तिशाली, समृद्ध देश के रूप में पाते हैं। मशहूर शायर फय्याज ग्वालियरी की एक नज्म की चंद लाईनें यहां हाले दिल बयां करने के लिए काफी हैं…….. वो दिन आया कि अपना देश, आज आजाद-ए-कामिल हैनया सिक्का, नई अजमत, नई तौकीर हासिल हैहिमालय की तरह दुनिया में आज ऊंचा है सर अपनाकि राज अपना है, काज अपना है, घर अपना है, दर अपनाखड़े होंगे अब अपने पांव पर, हम अपनी ताकत सेकरेंगे देश को आजाद गुरबत से, जहालत सेकोई भारत में अब दुख से तड़पता रह नहीं सकतागुलामी ऐसी आजादी से अच्छी कह नहीं सकता किसी के सामने अब अपनी गर्दन झुक नहीं सकतीखुदा चाहे तो भारत की तरक्की रुक नहीं सकती।भारत की सीमाएं चारों तरफ से महफूज़ हैं और ऐसा हमारी सेना की बदौलत है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति है। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत की सैन्य ताकत का नंबर आता है। आपरेशन सिंदूर के वक्त पूरी दुनिया भारत की सैन्य शक्ति को देख चुकी है। इंडियन आर्मी में फिलहाल 13 लाख 25 हजार सक्रिय सैनिक हैं। इंडियन आर्मी के बेड़े में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस, अग्नि, पृथ्वी, आकाश और नाग जैसे मिसाइल हैं। भारत के पास 1,380 विमानों का बेड़ा है, जिसमें सुखोई एम 30, मिग-29, मिग-27, मिग-21, मिराज और जगुआर जैसे आधुनिक विमान हैं। ग्लोबल फायर पॉवर के मुताबिक 2025 सैन्य स्ट्रेंथ रैंकिंग में भारत और पाकिस्तान के बीच आठ पायदान का फासला है। साल 2025 में वैश्विक सैन्य ताकत के मामले में 145 देशों में भारत की रैंकिंग चौथी है। भारतीय वायुसेना शीर्ष 5 में जगह बनाते हुए चौथे स्थान पर शामिल है। भारत की शक्तिशाली नौसेना विश्व में 6वें स्थान पर हैं। भारत के पास कुल 51.37 लाख की सैन्य शक्ति है, जिसमें 14.55 लाख एक्टिव सैनिक, 11.55 लाख रिजर्व सैनिक हैं। भारतीय सेना में 21.97 सैन्यकर्मी, एयरफोर्स में 310575 और नेवी में 142251 सैनिक हैं। भारत के पास 25.27 लाख अर्द्धसैनिक बलों के जवान हैं। भारतीय सेना के पास करीब 22 लाख आर्मी जवान, 4,201 टैंक, करीब डेढ़ लाख बखतरबंद वाहन, 100 सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी और 3,975 खींच कर ले जाने वाली आर्टिलरी है। इसके अलावा मल्टी बैरल रॉकेट आर्टिलरी की संख्या 264 है। भारतीय एयरफोर्स के पास 3 लाख 10 हजार वायु सैनिक और कुल 2,229 विमान हैं जिनमें 513 लड़ाकू विमान और 270 ट्रांसपोर्ट विमान हैं। कुल विमानों में 130 हमला करने वाले, 351 ट्रेनर और छह टैंकर फ्लीट के विमान हैं। भारतीय सेना के तीनों अंगों के पास कुल हेलीकॉप्टरों की संख्या 899 है जिनमें 80 अटैक हेलीकॉप्टर हैं। भारतीय नेवी के पास 1.42 लाख नौसैनिक, कुल 293 पोत हैं जिनमें दो विमानवाहक पोत, 13 डिस्ट्रॉयर, 14 फ्रिगेट्स, 18 सबमरीन और 18 कॉर्वेट्स युद्ध पोत हैं। लॉजिस्टिक्स के तौर पर भारतीय सेना के पास 311 एयरपोर्ट्स, 56 बंदरगाह और 63 लाख किलोमीटर की सड़क और 65 हजार किलोमीटर की रेलवे कवरेज है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास 172 परमाणु वॉरहेड हैं। जहां तक ड्रोन की बात है तो भारत के पास अगले कुछ सालों में लगभग पांच हजार ड्रोन्स होंगे। बीते साल में भारत ने अमेरिका से साढ़े तीन अरब डॉलर मूल्य के 31 प्रीडेटर ड्रोन्स खरीदने का समझौता किया था। प्रीडेटर ड्रोन्स दुनिया के सबसे कामयाब और खतरनाक ड्रोन माने जाते हैं। इनके साथ 50 करोड़ डॉलर के उन ड्रोन्स के जरिए लक्ष्य को तबाह करने में इस्तेमाल होने वाले बम और लेजर गाइडेड मिसाइलें भी खरीदी जाएंगी। भारतीय सशस्त्र बल में तीन पेशेवर वर्दीधारी सेवाएँ अन्तर्गत हैं, भारतीय स्थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना। इसके अतिरिक्त भारतीय सशस्त्र बलों को केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल, असम राइफल्स, भारतीय तटरक्षक बल और विशेष सीमा बल भी है। भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के स्वदेशी उत्पादन को भारत सरकार द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें 16 रक्षा पीएसयू शामिल हैं हिन्दुस्तान वैमानिकी लिमिटेड, भारत वैद्युतिकी लिमिटेड, भारत भूचालक लिमिटेड, भारत गतिकी लिमिटेड, माझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, जीआरएसई, और मिधानि। हाल ही में ड्रोन से मिसाइल दागने का सफल परीक्षण किया गया है। आजादी के बाद भारत ने सन 1947, 1965, 1971 और 1999 में पाकिस्तान के साथ और 1962 में चीन के साथ युद्ध लड़े हैं। इसके अलावा हाल ही में भारतीय सेना के आपरेशन सिंदूर की धमक पूरी दुनिया में गूंजी। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के भीतर स्थित आतंकवादी ढांचों की कमर तोड़। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 6 मई 2025 को भारतीय बलों ने कार्रवाई की। भारतीय वायु सेना ने न केवल पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकवादी ढांचों पर तबाही मचाई, बल्कि पाकिस्तान के उकसावे पर उसके सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया। भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस को निशाना बनाया, जिसमें अति महत्वपूर्ण रहीम यार खान और पाकिस्तान के परमाणु ठिकानों के पास स्थित सरगोधा एयरबेस भी शामिल है। बहरहाल, आजादी के बाद से अब तक देश ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। बावजूद इसके, वास्तव में आजादी अभी भी अधूरी है। आजादी को पूरा करने के लिए सार्थक और ईमानदार प्रयत्नों, दृढ़ संकल्पों की आवश्यकता है। आजादी के इतने सालों तक सरकारें बदलती रहीं, देश ने रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकि, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में तरक्की की भी लेकिन अभी भी कुछ चीजें बदलनी बाकी हैं। अभी भी गरीबी और बेरोजगारी है, दूरस्थ अंचलों में अंधविश्वास खत्म नहीं हुआ है, दलितों और निचले तबकों पर अत्याचार हो रहे हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभी बहुत काम बाकी है। बढ़ती मंहगाई के कारण गरीब और मध्यम वर्ग हलाकान है। देश के हालातों को बदलने के लिए महज सरकार बदलने से कुछ नहीं होगा अपितु हमें भी खुद बदलना होगा, हर छोटे-बड़े काम के लिए सरकार पर निर्भरता कम करनी होगी। आज जरूरत है तो बस राजनैतिक इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयासों की ताकि अधूरे कार्यों को पूरा किया जा सके। आज जरूरत है देश के अंतिम व्यक्ति तक कानून में दिए गए मौलिक अधिकारों में शामिल मूलभूत सुविधाएं पहुंच सकें। आज जरूरत है कि हम अपने अधिकारों के साथ ही अपने कर्तव्यों को भी पहचानें और देश को समृद्ध-शक्तिशाली बनाने में अपना योगदान दें। और अंत में राम प्रकाश बेखुद की इन पंक्तियों के साथ………जहाँ लिक्खा है हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान रहने दोहमारी जान है इसको हमारी जान रहने दो।हमें मजहब-धरम और जात के खानों में मत बांटोंखुदा के वास्ते इन्सान हैं इन्सान रहने दो।।जय हिंद View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन उत्साह और उमंग के साथ निकाली गई तराई अंचल मे तिरंगा यात्रा राज्यपाल ने राजभवन, पचमढ़ी में किया ध्वजारोहण